गंगाजल की कसम पर सियासत गरम, सपा ने घेरा तो भाजपा ने पार्षदों को थमाया नोटिस

शाहजहांपुर में नगर निगम पार्षदों के गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाने का करीब एक साल पुराना वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. वीडियो में पार्षदों के बीच निगम से होने वाली कथित आमदनी को बराबर बांटने की बात सुनाई दे रही है. बीजेपी ने नोटिस जारी किए हैं, जबकि सपा ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.

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वीडियो वायरल पर भाजपा ने मांगा जवाब तो सपा ने उठाए सवाल. (Photo: Screengrab) वीडियो वायरल पर भाजपा ने मांगा जवाब तो सपा ने उठाए सवाल. (Photo: Screengrab)

राहुल कुमार

  • शाहजहांपुर ,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नगर निगम पार्षदों का गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाने वाला वीडियो सामने आने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब इसके सामने आने के बाद शाहजहांपुर की राजनीति में हलचल मच गई है. वीडियो में कुछ पार्षद एक साथ नजर आ रहे हैं और गंगाजल लेकर कसम खाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में निगम से होने वाली कथित आमदनी को लेकर भी बातें सुनाई दे रही हैं. इसी को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

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वीडियो में एक आवाज में यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि निगम से जो भी आमदनी होगी, वह सभी पार्षदों में बराबर बांटी जाएगी. इसके साथ ही ग्रुप के किसी साथी पर आंच आने पर सभी के एक साथ खड़े रहने और गद्दारी नहीं करने की बात भी कही जा रही है. वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने मामले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो देखा है और जो हुआ वह बहुत गलत है. उनका आरोप है कि विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा किया जा रहा है.

तनवीर खान ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए. इससे पहले कांग्रेस पार्टी की ओर से भी पार्षदों के वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है. अब समाजवादी पार्टी भी इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग कर रही है.

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भाजपा ने पार्षदों को जारी किया नोटिस

वहीं भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे पार्षदों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने बताया कि संबंधित पार्षदों को नोटिस भी जारी किया गया है और जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है. शिल्पी गुप्ता के मुताबिक, पार्षदों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यानी फिलहाल भाजपा ने वीडियो में दिखाई दे रहे पार्षदों से पूरे मामले पर उनका पक्ष मांगा है. इस बीच वीडियो में दिखाई दे रहे पार्षदों के कुछ साथी उनका बचाव भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि वायरल वीडियो को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, वह पूरी तस्वीर नहीं बताता.

पार्षद शाबान के मुताबिक, वीडियो में जिस शख्स की आवाज सुनाई दे रही है, उसका नाम लालू पुजारी बताया जा रहा है. शाबान ने कहा कि पार्षदों का कहना है कि उन्होंने उस समय उत्तेजित होकर फेसबुक नेताओं की बातों में आकर ऐसा किया था. वहीं पार्षद जीशान हुसैन ने वीडियो को लेकर अलग पक्ष रखा. उनका कहना है कि पार्षद एक साथ मिलकर काम करने और बराबरी से काम पाने की कसम खा रहे थे. उनके मुताबिक, कुछ शरारती लोगों ने उस वीडियो को गलत तरीके से पेश कर दिया.

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जीशान हुसैन ने यह भी बताया कि वीडियो में कांग्रेस पार्टी के पार्षदों के साथ निर्दलीय पार्षद भी दिखाई दे रहे हैं. उनके मुताबिक, वीडियो में करीब 25 से 30 पार्षद हैं. इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि वीडियो अभी सामने आया है, जबकि इसे करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है. इतने समय बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है.

वायरल वीडियो को लेकर जहां विपक्षी दल जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं वीडियो में दिखाई दे रहे पार्षदों के साथी इसे अलग संदर्भ में पेश किए जाने की बात कह रहे हैं. भाजपा की ओर से भी संबंधित पार्षदों को नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया है. ऐसे में अब पार्षदों के जवाब और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में कही गई बातों का वास्तविक संदर्भ क्या था.

मामले को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर शिकायत मिलती है तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी. यानी फिलहाल प्रशासन के पास इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है. वहीं राजनीतिक स्तर पर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। सपा की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, जबकि भाजपा ने वीडियो में दिखाई दे रहे पार्षदों से स्पष्टीकरण मांगा है.

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2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

शाहजहांपुर में यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं. करीब एक साल पुराने बताए जा रहे वीडियो के अचानक वायरल होने से नगर निगम के पार्षदों से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है. एक तरफ वायरल वीडियो में गंगाजल लेकर पार्षदों के कसम खाने और कथित आमदनी को बराबर बांटने की बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं. दूसरी तरफ कुछ पार्षद वीडियो को गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा कर रहे हैं.

भाजपा की तरफ से नोटिस जारी होने और समाजवादी पार्टी की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग के बाद अब सबकी नजर पार्षदों के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर है. प्रशासन की ओर से भी साफ किया गया है कि लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल गंगाजल लेकर कसम खाने वाला यह पुराना वीडियो शाहजहांपुर की सियासत में नया विवाद बन गया है. वीडियो में कही गई बातों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही साफ होगी.

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