'सहारनपुर में ऐसी कोई रैली होनी ही नहीं थी', RLD के दावे पर सपा का जवाब

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अगले महीने होने वाली समाजवादी पार्टी की रैली को रद्द कर दिया गया है. आरएलडी का दावा है कि गैर-यादव पिछड़ी जातियों के भारी विरोध और जन आक्रोश के बाद सपा ने ये फैसला लिया है. हालांकि सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा है कि ऐसी कोई रैली होनी ही नहीं थी.

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पिछड़ी जातियों के विरोध के बाद समाजवादी पार्टी की रैली रद्द हुई. (Photo: PTI) पिछड़ी जातियों के विरोध के बाद समाजवादी पार्टी की रैली रद्द हुई. (Photo: PTI)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:55 PM IST

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 6 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी की रैली होने वाली थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है. RLD ने दावा किया है कि गैर-यादव पिछड़ी जातियों के भारी विरोध और जन-आक्रोश को देखते हुए सपा को ये कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है. हालांकि समाजवादी पार्टी ने ऐसी किसी भी रैली को खारिज किया है.

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दरअसल, चौधरी परिवार को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक समीकरण गरमा गए थे. क्षेत्र में लगातार बढ़ते जनाक्रोश और विरोध के माहौल को देखते हुए सपा और रैली के मुख्य आयोजक ने कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया.

RLD और स्थानीय संगठनों का दावा है कि इस टिप्पणी के विरोध में क्षेत्र की '36 बिरादरी' पूरी तरह एकजुट हो गई थी और सपा की इस महारैली के बहिष्कार का ऐलान कर दिया था.

RLD का हमला: चौधरी परिवार हमारा स्वाभिमान

सपा की रैली रद्द होने के बाद RLD के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तंज कसते हुए कहा, 'चौधरी परिवार हमारा सम्मान और स्वाभिमान है. अगर उन पर कोई गलत टिप्पणी करेगा, तो उसे पश्चिमी यूपी में पैर नहीं रखने दिया जाएगा.'

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समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सहारनपुर में होने वाली ऐसी किसी भी रैली से इनकार किया है. उन्होंने लिखा, 'कौन-सी रैली, कैसी रैली? जब रैली का कोई कार्यक्रम ही नहीं बना तो रैली रद्द कौन सी हो गई? दिन में सपने देखना बंद करो. रैली जब भी होगी ऐतिहासिक होगी. रैली जब भी होगी, डंके की चोट पर होगी.'

उन्होंने आगे कहा, 'जिस किसान को अपनी आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलता, उसके नाम पर राजनीति करने वालों से सवाल पूछना जरूरी है. किसान एक रुपये किलो आलू बेचे और सत्ता में बैठे लोग सत्ता के मजे लें ,अब ये नहीं चलेगा. अब किसान जाग गया है, अपने हक और सम्मान के लिए आवाज उठाना सीख गया है. समाजवादी किसानों की लड़ाई सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेंगे. किसान के हक की आवाज न रुकी है, न रुकेगी.'

यह भी पढ़ें: समाजवादी पार्टी ने निशिकांत दुबे को मानहानि का नोटिस भेजा, अखिलेश से जुड़ा है मामला

सहारनपुर में होने वाली यह रैली समाजवादी पार्टी के लिए आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही थी. हालांकि, आरएलडी के आक्रामक रुख और स्थानीय विरोध के कारण आखिरी समय में रैली रद्द होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

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