प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भावस्था और प्रसव के बाद कैसे महिलाओं को मिलती है मदद

केंद्र की इस मातृत्व लाभ योजना में पात्र महिलाओं को पहले बच्चे पर 5,000 रुपये और दूसरी बेटी होने पर 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलते हैं.

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पहली संतान पर 5,000 और दूसरी बेटी पर 6,000 रुपये (Photo-ITG) पहली संतान पर 5,000 और दूसरी बेटी पर 6,000 रुपये (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:37 AM IST

गर्भावस्था में अक्सर कमाई रुक जाती है और पोषण की जरूरत बढ़ जाती है. इसी बोझ को कम करने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 2017 में शुरू हुई. इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय चलाता है और यह मिशन शक्ति का हिस्सा है.

माताओं को क्या मिलता है?

पहला जीवित बच्चा: 5,000 रुपये, दो किस्तों में

  • गर्भावस्था के रजिस्ट्रेशन और कम से कम एक एंटीनेटल जांच पर 3,000 रुपये
  • बच्चे का जन्म दर्ज होने और 14 हफ्ते तक के टीके लगने पर 2,000 रुपये

दूसरा बच्चा, सिर्फ बेटी होने पर:

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  • जन्म के बाद एक ही किस्त में 6,000 रुपये
  • जो महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराती हैं, उन्हें जननी सुरक्षा योजना (JSY) की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है. दोनों को मिलाकर पहले बच्चे पर औसतन करीब 6,000 रुपये का लाभ बनता है.
  • भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से मां के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में पहुंचता है.

कौन पात्र है?

 

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, पहले जीवित बच्चे के लिए (और दूसरी बेटी होने पर दूसरे बच्चे के लिए)
  • केंद्र या राज्य सरकार, या सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी करने वाली महिलाएं, या ऐसे ही मातृत्व कानूनों के दायरे में आने वाली महिलाएं पात्र नहीं हैं.

कैसे करें आवेदन?

महिलाएं नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या तय स्वास्थ्य केंद्र में, या PMMVY पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं, इसके लिए आधार, गर्भावस्था से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते का विवरण चाहिए. आवेदन की स्थिति PMMVY सॉफ्टवेयर से ट्रैक की जा सकती है और SMS से भी अपडेट मिलते हैं.

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आंकड़ों में उत्तर प्रदेश

  • 4 अप्रैल 2025 के लोकसभा जवाब के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 67.25 लाख लाभार्थी नामांकित थे, 61.61 लाख को भुगतान हुआ और 2,734.76 करोड़ रुपये बांटे गए.
  • राष्ट्रीय स्तर पर जुलाई 2025 तक 4 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को मातृत्व लाभ मिल चुका था.


मकसद

नकद मदद के साथ इस योजना का लक्ष्य है समय पर जांच, अस्पताल में प्रसव, अच्छा पोषण और बेटी के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना. 

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