नोएडा की गगनचुंबी इमारत सुपरनोवा से सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन के कूदकर जान देने के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस की जांच में उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो इस पूरी घटना को बेहद गंभीर बना देते हैं. संभव करीब 140 किलो वजन के थे. उनके परिवार के मुताबिक बेटे के इलाज में करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए थे. इसके अलावा पत्नी से तलाक और आर्थिक दबाव भी उनकी जिंदगी में तनाव की बड़ी वजह बन गया था.
कई परेशानियों से जूझ रहे थे संभव
संभव जैन नोएडा की सुपरनोवा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल पर पहुंचे और वहां से छलांग लगा दी. इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो परिवार और करीबी लोगों से पूछताछ में उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें सामने आईं.
जानकारी के मुताबिक संभव के बेटे का जन्म समय से पहले हुआ था. बच्चे को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी और उसके इलाज पर परिवार ने करीब 40 लाख रुपये खर्च किए. इस आर्थिक बोझ के साथ संभव की अपनी सेहत और बढ़ते वजन को लेकर भी परेशानी थी.
दूसरी तरफ उनकी पत्नी से तलाक का मामला भी चल रहा था. दोनों के बीच वैवाहिक विवाद के बाद अलगाव हुआ. तलाक से जुड़े आर्थिक सेटलमेंट को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है. परिवार ने पुलिस को यह भी बताया कि संभव पर आर्थिक दबाव था और वह कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे थे.
मामले की जांच हर एंगल से कर रही है पुलिस
पुलिस इस मामले में डिप्रेशन, पारिवारिक विवाद, आर्थिक दबाव और कर्ज समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है. हालांकि, किसी एक वजह को उनकी मौत का कारण मानकर जांच खत्म नहीं की गई है.
सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बाहर से सामान्य नजर आने वाली जिंदगी के पीछे कोई व्यक्ति कितने दबाव से गुजर रहा हो सकता है. पुलिस अब संभव की मौत से पहले की गतिविधियों, परिवारिक परिस्थितियों और आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है.
भूपेन्द्र चौधरी