उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में आज तक की खबर का बड़ा असर हुआ, दरअसल, ट्राई साइकिल पाने के लिए एक साल से जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे दिव्यांग दीनानाथ मिश्र की बात उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक पहुंची.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और आजतक पर खबर दिखाए जाने के बाद उपमुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया. उन्होंने दीनानाथ को प्रयागराज बुलाकर ट्राई साइकिल तोहफे में दी.
एक साल से कार्यालय के लगा रहे थे चक्कर
यह पूरा मामला कौशाम्बी जिले की सिराथू तहसील के अंतर्गत आने वाले निजामपुर नौगिरा गांव का है. यहां रहने वाले दीनानाथ मिश्र दिव्यांग हैं. उन्हें आने-जाने के लिए ट्राई साइकिल की जरूरत थी. इसके लिए उन्होंने लगभग एक साल पहले सरकारी विभाग में आवेदन किया था.
दीनानाथ का कहना था कि आवेदन करने के बाद भी उन्हें ट्राई साइकिल नहीं मिली. वह लगातार जिलाधिकारी कार्यालय जा रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह कार्यालय पहुंचते, जिलाधिकारी वहां से जा चुके होते थे. लगातार दौड़भाग करने के बाद भी जब मदद नहीं मिली, तो वह निराश हो गए.
दीनानाथ का कहना है कि करीब 8 साल पहले तत्कालीन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें ट्राई साइकिल दी थी, जो अब खराब हो चुकी है. मजबूरी में वह नई ट्राई साइकिल के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस बीच कलेक्टर कार्यालय के बाहर खड़े दीनानाथ का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया. उसने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया. मीडिया ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद यह मामला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक पहुंच गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने तुरंत निर्देश दिए और दीनानाथ को प्रयागराज आने के लिए कहा. प्रयागराज पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीनानाथ को मिलने बुलाया और उन्हें ट्राई साइकिल भेंट की.
इस दौरान दीनानाथ को फूल माला पहनाई गई और मुंह मीठा कराने के लिए लड्डू दिए गए. ट्राई साइकिल मिलने के बाद दीनानाथ को बड़ी राहत मिली और उनके चेहरे पर संतोष दिखाई दिया.
इस मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि डिजिटल टेकनीक का मतलब केवल तकनीकी विकास नहीं है, बल्कि हर नागरिक से सीधा संवाद और संवेदनाओं का मेल है.
उन्होंने आगे लिखा कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही कौशाम्बी के इस युवा से भेंट हुई और उन्हें ट्राई साइकिल दी गई. शारीरिक कठिनाइयों के बाद भी उनका संघर्ष और चेहरे की मुस्कान सभी के लिए प्रेरणादायक है.
अखिलेश कुमार