शहनाई बजी, कार्ड बंटे, काशी सजी... शिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह, VIP दर्शन पूरी तरह बंद

काशी में महाशिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं. शिव-पार्वती विवाह के निमंत्रण कार्ड काशीवासियों में बांटे जा रहे हैं. 15 फरवरी को बाबा विश्वनाथ 45 घंटे लगातार भक्तों को दर्शन देंगे. अनुमान है कि 8 से 10 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे. इस दौरान VIP और स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी. यातायात व्यवस्था के लिए नो-व्हीकल जोन और रूट डायवर्जन लागू होंगे.

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काशी में बंटे शिव-पार्वती विवाह के कार्ड.(Photo: Roshan Jaiswal/ITG) काशी में बंटे शिव-पार्वती विवाह के कार्ड.(Photo: Roshan Jaiswal/ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:57 PM IST

महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर काशी में भक्ति और उत्सव का माहौल बनने लगा है. 15 फरवरी को शिवरात्रि के अवसर पर शिव-पार्वती विवाह के लिए खास निमंत्रण कार्ड बांटे जा रहे हैं. आम शादी की तरह ठेठ भोजपुरी अंदाज में छपे इन कार्डों के जरिए शिवभक्तों से शिव बारात में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है. काशी विश्वनाथ नगरी में इसे लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है.

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द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए इस बार 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं. बाबा विश्वनाथ 15 फरवरी की मंगला आरती से लेकर 16 फरवरी तक लगातार 45 घंटे भक्तों को दर्शन देंगे.

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शिव बारात की परंपरा और खास थीम

शिव-पार्वती विवाह को लेकर निकलने वाली शिव बारात काशी की एक खास पहचान बन चुकी है. पिछले 43 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है और इस बार शिव बारात का 44वां वर्ष है. शिव बारात आयोजन से जुड़े अजीत सिंह के अनुसार, वर्ष 1983 में बाबा विश्वनाथ के अरघे का सोना चोरी हो गया था. बाद में सोना वापस मिलने पर काशी में उत्सव का माहौल बना और तभी से शिव उत्सव के रूप में शिव बारात निकालने की शुरुआत हुई.

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इस बार शिव बारात की थीम ‘होली’ रखी गई है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाई जाने वाली खास होली के रंग इस बार काशी की शिव बारात में देखने को मिलेंगे. निमंत्रण कार्ड पाने वाले काशीवासियों का कहना है कि उन्हें हर साल शिव बारात का बेसब्री से इंतजार रहता है और इसमें शामिल होकर विशेष आनंद की अनुभूति होती है.

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यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. एसीपी ट्रैफिक सोमबीर सिंह ने बताया कि विश्वनाथ मंदिर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों को नो व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा. इसके अलावा रूट डायवर्जन और जगह-जगह बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा.

प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो. सावन और शिवरात्रि जैसे अवसरों पर हर साल भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए पिछले अनुभवों के आधार पर इस बार और पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.

मंदिर प्रशासन की पूरी तैयारी

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि शिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ लगातार 45 घंटे दर्शन देंगे. इस दौरान चार प्रहर की आरती होगी. श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण वीआईपी दर्शन, स्पर्श दर्शन और प्रोटोकॉल दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे.

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क्राउड मैनेजमेंट के लिए जिगजैक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही ओआरएस, मेडिकल टीम, पेयजल और शौचालय की भी पूरी व्यवस्था रहेगी. उन्होंने बताया कि इस बार शिवरात्रि के अवसर पर मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए विशेष उपहार भी आने वाला है. देश के कोने-कोने से आए शिवभक्त इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए काशी पहुंचने को उत्सुक हैं.

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