कानपुर: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड में 21 दिन बाद जेल से बाहर आई बहू शालू, कोर्ट ने कहा- साजिश का नहीं मिला कोई सबूत

Vineet Minocha Murder Case Kanpur: कानपुर के विनीत मीनोचा हत्याकांड में 21 दिन बाद जेल से बाहर आईं शालू मीनोचा. कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में 50 हजार के मुचलके पर दी रिहाई. पढ़ें पूरी खबर...

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जेल से बाहर निकाल कर अपनी बहन के साथ गाड़ी में बैठकर जाती है शालू.(Photo:ITG) जेल से बाहर निकाल कर अपनी बहन के साथ गाड़ी में बैठकर जाती है शालू.(Photo:ITG)

सिमर चावला

  • कानपुर,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:49 PM IST

कानपुर के चर्चित विनीत मीनोचा हत्याकांड में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मामले में आरोपी बनाई गई शालू मीनोचा 21 दिनों तक जेल में रहने के बाद आखिरकार रिहा हो गई हैं. अदालत के आदेश के बाद 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर उनकी न्यायिक अभिरक्षा समाप्त कर दी गई और उसे जेल से बाहर भेज दिया गया. जेल से बाहर निकलते ही शालू अपनी बहन के साथ गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं, जिससे जुड़ा वीडियो भी सामने आया है.

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ किया कि शालू मीनोचा के खिलाफ विनीत मीनोचा की हत्या की साजिश में शामिल होने का कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला है.

अदालत ने आदेश दिया कि अगर शालू किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उसे तत्काल रिहा किया जाए. हालांकि, कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि भविष्य में कोर्ट या मामले के जांच अधिकारी के बुलाए जाने पर शालू मीनोचा को जांच प्रक्रिया में उपस्थित होना अनिवार्य होगा.

'सिर्फ बयान के आधार पर घसीटा गया नाम'
शालू मीनोचा की रिहाई के बाद उसके वकील शिवाकांत दीक्षित ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, जब भी कोई निर्दोष जेल से छूटता है, तो यह न्याय और सत्य की जीत का क्षण होता है. हमारी पहले दिन से यही मुहिम थी कि शालू का नाम केवल किसी के मौखिक बयान के आधार पर घसीटा गया था, जबकि वे पूरी तरह निर्दोष थीं. पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना की और सच्चाई सामने आने के बाद उन्हें रिहा किया गया.''

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वकील ने आगे कहा कि भले ही शालू को 21 दिन जेल में बिताने पड़े, लेकिन 'देर आए दुरुस्त आए'. ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को आत्ममंथन करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी अन्य निर्दोष व्यक्ति को अकारण जेल न जाना पड़े.

क्या है पूरा मामला?

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में बीते 5 सितंबर की रात 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसमें उन पर चाकू से करीब 26 वार किए गए. शुरू में पुलिस ने उनके पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राज किशोर को गिरफ्तार किया, जिन्होंने दावा किया कि बहू शालू ने 6 लाख रुपये में सुपारी दी थी, लेकिन बाद की जांच में बेटा सुब्रत मास्टरमाइंड निकला.

सुब्रत अपने कर्ज, पिता के सख्त नियंत्रण और संपत्ति के डर से नाराज था; उसने हत्यारों को घर की चाबी दी और पकड़े जाने पर बहू का नाम लेने का निर्देश दिया. पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शालू की भूमिका अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है.

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