चक्रवात 'अर्नब' का यूपी में असर: लखनऊ से चंदौली तक बारिश, धान की फसल को भारी नुकसान

चक्रवात 'अर्नब' के असर और लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जिले में किसानों की पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं. अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, जबकि जिला प्रशासन ने नुकसान के आकलन और मुआवजे के निर्देश दिए हैं.

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चंदौली में धान की फसल को भारी नुकसान (Photo- ITG) चंदौली में धान की फसल को भारी नुकसान (Photo- ITG)

उदय गुप्ता

  • चंदौली ,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से गुरुवार की सुबह से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण धान की तैयार फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो पर जाकर मुआयना किया और किसानों के हुए नुकसान का जायजा लिया. प्रशासन ने फसल क्षति का त्वरित आकलन कर प्रभावित अन्नदाताओं को उचित मुआवजा दिए जाने की बात कही है, जिससे किसानों को इस आपदा की घड़ी में राहत मिल सके.

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धान के कटोरे में चक्रवात 'अर्नब' का कहर

धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली में चक्रवात 'अर्नब' के चलते हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है.सदर ब्लॉक के साथ-साथ नियमताबाद, शहाबगंज और बरहनी ब्लॉक के दर्जनों गांवों में खेतों में पककर तैयार धान की फसल पूरी तरह जमीन पर लेट गई है. किसान अपनी फसल को काटकर घर ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन इस बेमौसम बरसात और तेज हवाओं ने सब कुछ तबाह कर दिया. खेतों में पानी भर जाने के कारण धान की बालियां सड़ने लगी हैं.

किसानों की बढ़ी चिंता, बच्चों की फीस और कर्ज का संकट

मझवर गांव के बुजुर्ग किसान गुलाब सिंह ने बताया कि उनका छह एकड़ धान पूरी तरह बर्बाद हो गया है, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई चलाना मुश्किल हो गया है. अमित सिंह और राघवेंद्र जैसे अन्य किसानों ने भी दर्द साझा करते हुए कहा कि हर साल आने वाले ऐसे चक्रवातों और खराब मौसम से उनकी लागत तक निकल पाना मुश्किल हो रहा है. किसानों को समझ नहीं आ रहा है कि वे बैंक का कर्ज कैसे चुकाएंगे और अपने परिवारों का भरण-पोषण कैसे करेंगे.

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डीएम ने लिया जायजा, प्रशासन ने दिए मुआवजे के निर्देश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया. डीएम ने बताया कि अभी तक पशुधन या मकान के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन फसल को काफी क्षति पहुंची है। प्रशासन की टीमों को जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन करने के लिए लगाया गया है. जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें.

पूरे प्रदेश में मौसम का मिज़ाज और चेतावनी

चक्रवात 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर से केवल चंदौली ही नहीं, बल्कि वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, प्रयागराज, लखनऊ और बरेली समेत कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. इस बदलाव से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे ठंड का अहसास भी शुरू हो गया है.

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