UP Weather Update: यूपी में मानसून का असर लगातार बना हुआ है. पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र ने 7 अगस्त के मौसम को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके चलते लोगों को जलभराव, फिसलन और बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
आईएमडी के डे-5 फोरकास्ट (7 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 8 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक) के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश होगी. हालांकि सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और उससे लगे इलाकों में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान में कुछ जिलों को भारी बारिश वाले क्षेत्र में रखा गया है.
इन जिलों में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना
आईएमडी के मुताबिक प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, अमेठी और सुल्तानपुर में भारी बारिश की संभावना सबसे अधिक है. इन जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति बन सकती है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
जारी वर्षा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. वाराणसी मंडल, प्रयागराज मंडल और विंध्य क्षेत्र में बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है. प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और वाराणसी में कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. वहीं जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर और संत रविदास नगर में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं.
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में होगी बारिश
आईएमडी के वर्षा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि भारी बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वांचल के चुनिंदा जिलों में रहने का अनुमान है. मानसून की सक्रियता के कारण पूरे प्रदेश में मौसम सुहावना बना रह सकता है. लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में भी राहत महसूस होगी.
येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में बरतें सावधानी
आईएमडी के चेतावनी मानचित्र में पूर्वांचल के जिन जिलों को येलो अलर्ट श्रेणी में रखा गया है, वहां लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए. यदि कहीं जलभराव हो तो उसमें वाहन ले जाने से बचें.
किसानों के लिए राहत भी, चुनौती भी
मानसून की यह बारिश धान और खरीफ की अन्य फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है. हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी, वहां खेतों में पानी भरने की आशंका भी रहेगी. ऐसे में किसानों को जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत होगी ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे.
इन बातों का रखें ध्यान
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें.
- बिजली चमकने पर खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों.
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें.
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
- वाहन धीमी गति से चलाएं और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
फिलहाल राहत के आसार नहीं
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि उत्तर प्रदेश में मानसून अभी कमजोर पड़ने वाला नहीं है. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है, जबकि बाकी जिलों में रुक-रुककर बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है.
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