उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार-शनिवार दरम्यानी रात एक बैग फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई. लपटें इतनी तेज थीं कि तीन बड़े शेड इसकी चपेट में आ गए. आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को जेसीबी की मदद से दीवार तोड़नी पड़ी, तब जाकर पानी अंदर तक पहुंचाया जा सका. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. राहत की बात रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.
यह मामला गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र का है. 'आर एंड आर इंक कॉरपोरेशन' नाम की इस बैग फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन से चार दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों से भी दमकल वाहन बुलाए गए.
चार इलाकों से बुलाई गईं 12 गाड़ियां
आग विकराल होने पर ट्रॉनिका सिटी के अलावा साहिबाबाद, वैशाली, नोएडा और बागपत से भी दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं. कुल 12 दमकल गाड़ियों ने आग बुझाने का मोर्चा संभाला. जवानों ने 8 से 10 पंपिंग लाइनों के जरिए चारों तरफ से पानी की बौछार की. फैक्ट्री के तीन शेड आग की चपेट में थे, इसलिए टीम को अंदर तक पानी पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
जेसीबी से तोड़ी दीवार, चार घंटे चला ऑपरेशन
जब फैक्ट्री के अंदर सीधे पानी पहुंचाना मुश्किल हुआ तो जेसीबी मंगाई गई. मशीन से दीवार का एक हिस्सा हटाया गया. इसके बाद आगे और पीछे दोनों तरफ से पानी डालकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद देर रात दो बजे तक आग पर काबू पा लिया गया.
अग्निशमन अधिकारी (CFO) गाजियाबाद राहुल पाल के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन टिन शेड के मलबे के नीचे गर्मी बनी हुई थी. इसी वजह से कूलिंग का काम जारी रखा गया, ताकि कोई सुलगता हिस्सा दोबारा आग न पकड़ सके. राहत की बात है कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है. साथ ही फैक्ट्री में हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है.
मयंक गौड़