BJP के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत पर चुनाव आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी क्षेत्र के इलेक्शन ऑब्जर्वर यानी चुनाव पर्यवेक्षक अभय सिंह को पद से हटा दिया है.
देवेंद्र प्रताप सिंह ने इलेक्शन ऑब्जर्वर रहे अभय सिंह पर अवैध खनन मामले में सीबीआई (CBI) की छापेमारी और उनके आवास से नकदी बरामदगी से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी.
चुनाव आयोग ने 2009 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश बिंदु को गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी सीट की मतगणना का नया इलेक्शन ऑब्जर्वर नियुक्त किया है.
वहीं, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पोलिंग स्टेशन 20, 21 और 26 पर री-पोल के दौरान हुई अनियमितताओं के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है.
आयोग ने पोलिंग स्टेशन 21 और 26 पर तैनात 6 सुपरवाइजरी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने का ऑर्डर दिया है.
बता दें कि मंगलवार को चार राज्यों की विधान परिषद की 28 सीटों के नतीजे आएंगे. इनमें उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की 8, महाराष्ट्र की 5 और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं. इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव हुए हैं
इस बीच, समाजवादी पार्टी ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मतदान के बाद बूथवार कुल मतदाताओं और मतों का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है.
सपा ने कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 और निर्वाचन आयोग के विभिन्न निर्देशों का हवाला दिया. पत्र की प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के संज्ञान के लिए भेजी गई है.
लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, हरदोई और प्रतापगढ़ के जिलाधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजी गई है.
बीजेपी के दो पूर्व विधायक सपा में शामिल
UP में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने साथ नए चेहरों को जोड़ना शुरू कर दिया है. सोमवार को लखनऊ में अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई नेता सपा में शामिल हुए.
इनमें बीजेपी के दो पूर्व विधायक भी हैं. सपा में शामिल होने वालों में पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, पूर्व IAS राम बहादुर पासी और मुजफ्फरनगर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति हैं. अखिलेश यादव ने इन नेताओं को PDA का मजबूत स्तंभ बताया.
उन्होंने कहा कि नए नेताओं के आने से PDA की ताकत बढ़ेगी. हालांकि, किसी पार्टी में शामिल होना चुनाव का टिकट मिलने की गारंटी नहीं है. दातागंज और बिसौली में किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, यह फैसला आगे होगा.
संतोष शर्मा / ऐश्वर्या पालीवाल / आशीष श्रीवास्तव