संभल: शाही जामा मस्जिद के सामने बनी सत्यव्रत पुलिस चौकी में दुर्गा सप्तशती का पाठ, DM-SP समेत तमाम पुलिसकर्मियों ने की पूजा

संभल हिंसा के बाद शाही जामा मस्जिद के सामने बनाई गई हाईटेक सत्यव्रत पुलिस चौकी में नवरात्र के अवसर पर दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया गया है. इस दौरान सीओ कुलदीप कुमार और पुलिसकर्मियों द्वारा यज्ञशाला में आहुतियां दी गईं.

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सत्यव्रत पुलिस चौकी में हवन-पूजन (Photo- ITG) सत्यव्रत पुलिस चौकी में हवन-पूजन (Photo- ITG)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के बाद शाही जामा मस्जिद के सामने बनाई गई हाईटेक सत्यव्रत पुलिस चौकी में नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत विधि-विधान से पूजा-अर्चना और दुर्गा मंत्रों का जाप किया गया. चौकी परिसर में आहुतियां देने के लिए विशेष रूप से यज्ञशाला का निर्माण किया गया था, जहां पाठ के दौरान 75 से ज्यादा आहुतियां दी गईं.

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पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अनुष्ठान

इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सीओ कुलदीप कुमार, सदर कोतवाली प्रभारी मोहित चौधरी, सत्यव्रत पुलिस चौकी प्रभारी सतीश कुमार और एसएसआई राज सिंह सहित कई पुलिसकर्मी पूजा-अर्चना में उपस्थित रहे. सभी ने यज्ञशाला में बैठकर विधि-विधान के साथ आहुतियां दीं, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है. 

इस मौके पर डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी भी मौजूद रहे. डीएम ने बताया कि शारदीय नवरात्र के अवसर पर पूरे संभल जनपद में जगह-जगह पर देवी मां की आराधना और अनुष्ठान किए जा रहे हैं. उसी क्रम में सत्यव्रत पुलिस चौकी पर भी आयोजन किया गया है. जिसमें संभल की सुख शांति के लिए प्रार्थना की गई है. 

वहीं, एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि संभल कोतवाली क्षेत्र में स्थित सत्यव्रत पुलिस चौकी पर पुलिस परिवार की तरफ से नवरात्रि के पावन अवसर पर पूजन-हवन का कार्यक्रम किया गया था. जिसमें जिलाधिकारी और तमाम पुलिस प्रशासनिक परिवार के लोग शामिल हुए. नवरात्रि की धार्मिक भावना के अनुरूप हवन पूजन किया गया है.

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पुलिस चौकी का इतिहास 

आपको बता दें कि 24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के तुरंत बाद प्रशासन ने इस संवेदनशील इलाके में स्थायी पुलिस चौकी बनाने का निर्णय लिया था. इसका निर्माण कार्य 27 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ और लगभग 100 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया. 6 अप्रैल 2025 (रामनवमी) के दिन तत्कालीन डीएम और एसपी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार व हवन-पूजन के साथ इस हाईटेक पुलिस चौकी का भव्य उद्घाटन किया गया. 

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था

शाही जामा मस्जिद के ठीक सामने खाली पड़ी नगर पालिका की जमीन पर इसे बनाया गया है, जो बेहद संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाला इलाका है. भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना को रोकने के लिए 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य है. पूरे संभल शहर के सुरक्षा एवं सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल रूम इसी दो-मंजिला चौकी में स्थापित किया गया है. यहां लगभग 100 पुलिसकर्मियों के रहने व 24 घंटे तैनात रहने की व्यवस्था की गई है.

'सत्यव्रत' नाम क्यों पड़ा?

पौराणिक मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, सतयुग में संभल शहर का नाम 'सत्यव्रत' था. इसी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसका नाम 'सत्यव्रत पुलिस चौकी' रखा गया. चौकी के मुख्य द्वार पर संगमरमर की दीवार पर भारतीय संविधान की मूल प्रति से प्रेरित चित्रकारी उकेरी गई है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे हैं. 

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