गुजरात के इस शख्स ने राम मंदिर के लिए दिया सबसे बड़ा दान, 11 करोड़ रुपये का मुकुट किया भेंट

सूरत के डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल ने अपनी ग्रीन लैब डायमंड कंपनी में ही सोना, डायमंड, और नीलम जड़ित 6 किलो वजन वाला भगवान रामलला के लिए मुकुट तैयार करवाया था. 11 करोड़ की कीमत से बने मुकुट को भेंट करने के लिए डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल परिवार के साथ रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गए थे.

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गुजरात के कारोबारी ने रामलला को भेंट किया मुकुट गुजरात के कारोबारी ने रामलला को भेंट किया मुकुट

aajtak.in

  • सूरत,
  • 23 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

उत्तर प्रदेश और अयोध्या समेत पूरे देश के लिए 22 जनवरी का दिन ऐतिहासिक रहा, 5 शताब्दियों के बाद प्रभु श्री राम अपने भव्य और दिव्य राम मंदिर में विराजमान हुए.

अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने भगवान श्री राम के मंदिर के लिए सूरत के डायमंड कारोबारी ने 11 करोड़ रुपए की कीमत का एक मुकुट दान किया है. मुकुट दान करने के लिए डायमंड कारोबारी अपने परिवार समेत खुद अयोध्या धाम राम मंदिर पहुंचे थे.

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11 करोड़ का मुकुट किया दान

सूरत के डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल ने अपनी ग्रीन लैब डायमंड कंपनी में ही सोना, डायमंड, और नीलम जड़ित कुल 6 किलो वजन वाला भगवान रामलला के लिए मुकुट तैयार करवाया था. 11 करोड़ की कीमत से बने मुकुट को भेंट करने के लिए डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल परिवार के साथ रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गए थे.

उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारी को गर्भ गृह में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट को भगवान श्री रामलला के लिए तैयार किए गए सोने और अन्य आभूषण जड़ित मुकुट को अर्पित किया था. 

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय खजांची दिनेश भाई नावडिया ने बताया कि ग्रीन लैब डायमंड कंपनी के मालिक मुकेश भाई पटेल ने अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्री राम के लिए कुछ आभूषण अर्पण करने के बारे में सोचा था.

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ग्रीन लैब डायमंड कंपनी के मुकेश पटेल ने अपने परिजनों और कंपनी में परामर्श करने के बाद तय किया कि भगवान श्री राम के लिए सोना और अन्य रत्नों से जड़ित मुकुट अर्पण किया जाएगा. 

मुकुट में 4 किलो सोने का इस्तेमाल

भगवान रामलला की मूर्ति के मुकुट के माप के लिए कंपनी के दो कर्मचारी अयोध्या भेजे गए थे. कंपनी के कर्मचारी मूर्ति का माप लेकर सूरत आए और उसके बाद मुकुट बनाने का काम शुरू किया गया. 

कुल 6 किलो वजन के इस मुकुट में 4 किलो सोना उपयोग हुआ है. मुकुट में छोटे-बड़े साइज के डायमंड, माणिक, मोती और नीलम जैसे रत्न जड़े गए हैं. तमाम सामग्री का उपयोग करने के बाद मुकुट का जो  स्वरूप बना है उसे अयोध्या में रामचंद्र के मस्तक पर रखा गया है.


 

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