'हमसे कोई जानकारी शेयर नहीं की...', दिल्ली और नोएडा पुलिस आमने-सामने; स्लीपर बस में छात्रा के गैंगरेप का मामला

Delhi Bus Gangrape Case: 16 साल की नाबालिग से चलती स्लीपर बस में गैंगरेप मामले में दिल्ली पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए, लेकिन नोएडा पुलिस ने साक्ष्यों और दावों पर उठाए सवाल.

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दिल्ली-नोएडा पुलिस में छिड़ा विवाद.(Photo:ITG) दिल्ली-नोएडा पुलिस में छिड़ा विवाद.(Photo:ITG)

अरविंद ओझा / अरुण त्यागी

  • गौतमबुद्धनगर/नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप मामले को लेकर दिल्ली और नोएडा पुलिस के बीच मामला उलझता नजर आ रहा है. दिल्ली पुलिस ने जहां 4 अगस्त की रात की घटना बताते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है, वहीं गौतमबुद्धनगर (Noida) पुलिस ने घटना को लेकर कुछ विरोधाभास होने की बात कही है.

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ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिस घटना को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के परी चौक से सेक्टर-63 के बीच का बताया जा रहा है, उसके संबंध में दिल्ली पुलिस ने इससे पहले नोएडा पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी. पुलिस ने यह भी कहा कि पीड़ित पक्ष की ओर से भी गौतमबुद्धनगर पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई. 

नोएडा पुलिस ने क्या कहा?

ग्रेटर नोएडा के डीसीपी के मुताबिक, मामले में उपलब्ध प्रमाणिक साक्ष्यों और जारी किए गए वर्जन के बीच कुछ विरोधाभास हैं. बयान में यह भी साफ किया गया है कि पीड़ित पक्ष की ओर से गौतमबुद्धनगर पुलिस से इस घटना को लेकर कोई संपर्क नहीं किया गया.

नोएडा पुलिस के इस बयान के बाद मामले की जांच और घटना के वास्तविक घटनाक्रम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक 4 अगस्त की रात हुई घटना

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 16 वर्षीय छात्रा के साथ स्लीपर बस में कथित गैंगरेप की घटना 4 अगस्त की रात हुई. पुलिस के मुताबिक, रात करीब 11 बजे मामले की जानकारी मिली और छात्रा की शिकायत के आधार पर 5 अगस्त को FIR दर्ज की गई.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले को संवेदनशील मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई और 5 अगस्त की देर रात दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. घटना में इस्तेमाल बस को भी जब्त किया गया है.

घर से नाराज होकर निकली थी छात्रा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा में पढ़ती है. बताया गया कि वह घरवालों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थी और नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जा रही थी.

भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह कथित तौर पर परी चौक पर उतर गई. इसी दौरान वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजर रही थी. छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया.

सेक्टर-63 जाने की बात कहकर बस में बैठाने का आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को नोएडा सेक्टर-63 जाने की बात कहकर बस में बैठा लिया. आरोप है कि बस चलने के कुछ देर बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी.

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पीड़िता के आरोप के मुताबिक, इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी.

आरोप है कि दोनों ने छात्रा को देर रात कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए.

कश्मीरी गेट पहुंचकर पुलिस को दी जानकारी

घटना के बाद घबराई छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क किया और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की.

पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया और उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है.

बस की मरम्मत के बाद खाली जा रहे थे आरोपी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे सूरजपुर की एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए लेकर गए थे. रिपेयरिंग के बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस को खाली लेकर तिमारपुर जा रहे थे. इसी दौरान परी चौक पर छात्रा उन्हें मिली.

बताया जा रहा है कि परी चौक से कश्मीरी गेट तक बस ने करीब 47 किलोमीटर का सफर तय किया. बस स्लीपर होने और उसमें पर्दे लगे होने के कारण बाहर से अंदर की गतिविधियां दिखाई नहीं देती थीं.

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अब दोनों पुलिस के वर्जन में अंतर क्यों?

मामले में सबसे अहम सवाल अब यही है कि कथित वारदात की लोकेशन और घटनाक्रम को लेकर दोनों पुलिस बलों के बीच सामने आए अंतर को कैसे स्पष्ट किया जाएगा.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना की शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गौतमबुद्धनगर पुलिस ने कहा है कि उसे पहले इस घटना की कोई सूचना नहीं दी गई थी और उपलब्ध प्रमाणिक साक्ष्यों तथा जारी वर्जन में कुछ विरोधाभास हैं. फिलहाल मामले में जांच जारी है.

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