लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आउटर रिंग रोड की सर्विस लेन के किनारे झाड़ियों में एक युवती की लाश बरामद हुई. मृतका की पहचान उन्नाव के सफीपुर निवासी 25 वर्षीय आशिया उर्फ नरगिस उर्फ टीना के रूप में हुई है. कातिलों ने कहीं और कत्ल करने के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को सैदपुर गांव के पास झाड़ियों में फेंक दिया था. मरने से ठीक पहले आशिया ने अपने भाई और बहन को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर अपहरण होने और जान बचाने की गुहार लगाई थी.
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, आशिया की निजी जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है. करीब सात साल पहले वह गांव के ही एक हिंदू युवक के साथ प्रेम विवाह कर दिल्ली चली गई थी. दोनों की एक चार साल की बेटी भी है. दो साल बाद पहले पति से विवाद होने पर वह वापस लौट आई. इसके बाद पिता कमरुद्दीन ने 21 फरवरी 2021 को उन्नाव के माखी क्षेत्र के रुपऊ गांव निवासी नासिर से उसका दूसरा निकाह करा दिया. लेकिन अनबन के चलते वह ससुराल में सिर्फ एक रात रुककर वापस आ गई. इससे नाराज होकर पिता ने भी उसे घर से बेदखल कर दिया था. तब से वह सफीपुर में किराये के मकान में अपनी बेटी के साथ रहती थी और पिछले एक महीने से नवाबगंज में अपनी बहन नसरीन के पास रुकी हुई थी.
पुलिस ने मौके से मिले दस्तावेजों के आधार पर आशिया की शिनाख्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्यारों ने पहले आशिया के सिर पर भारी वार किया और फिर गला घोंटकर उसकी जान ले ली. मौत की मुख्य वजह गला दबाना बताई गई है. पुलिस ने आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया है. इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला मोड़ आशिया के आखिरी मैसेज से आया है. शनिवार को जब वह नवाबगंज स्थित अपनी बड़ी बहन नसरीन के घर से उन्नाव जाने के लिए निकली, तो रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया.
मौत से कुछ देर पहले आशिया के फोन से उसके बड़े भाई और बहन नसरीन को मैसेज भेजे गए. इसमें उसने अपनी मझली बहन शाहीन पर ही अपहरण कराने का गंभीर आरोप लगाया. मैसेज में लिखा था, सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से कुछ लोग मुझे उठा ले गए हैं. शाहीन ने हमको पकड़वा दिया है, भाई हमें बचा लीजिए, इन लोगों ने मेरे रुपये भी छीन लिए हैं. हमला करने वालों के नाम अरसलान, कल्लू और मुदब्बिर हैं. मैंने इनके नाम एक पर्ची पर लिखकर अपने बैग में रख दिए हैं.
बड़ी बहन नसरीन की तहरीर पर दुबग्गा पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है. एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से दिए गए मैसेज के स्क्रीनशॉट को जांच में शामिल किया गया है. पुलिस ने कुछ करीबियों और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है. साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा.
अंकित मिश्रा