बिजनौर के नहटौर इलाके में पिछले कुछ दिनों से एक गुलदार ने लोगों की नींद उड़ा रखी थी. गांव के आसपास उसकी आवाजाही लगातार देखी जा रही थी. कभी खेतों के पास तो कभी गांव की सीमा के करीब. लोगों को डर था कि कहीं अचानक उसका सामना किसी इंसान से न हो जाए.
खेतों में काम करने वाले किसान खास तौर पर परेशान थे. शाम ढलते ही गांव के लोगों की आवाजाही भी कम हो जाती थी. हर किसी के मन में एक ही सवाल था- आखिर ये गुलदार कब पकड़ा जाएगा? फिर वन विभाग ने पिंजरा लगाया. और करीब पांच दिन बाद वही हुआ, जिसका इंतजार गांव वाले कर रहे थे. गुलदार पिंजरे में कैद हो गया.
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मामला बिजनौर के नहटौर क्षेत्र के सदरुद्दीननगर गांव का है. पिछले कई दिनों से गांव और आसपास के इलाकों में गुलदार दिखाई दे रहा था. गांव के लोगों के लिए गुलदार का दिखना कोई मामूली बात नहीं थी. बिजनौर में पहले भी गुलदार के हमलों की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में गांव के आसपास उसकी मौजूदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी.
किसान खेतों में जाने से पहले आसपास नजर दौड़ाते. शाम के वक्त लोग अकेले निकलने से बचते. घरों में भी बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सावधानी बरती जा रही थी. गांववालों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी. भारतीय किसान यूनियन की तरफ से भी गुलदार को पकड़ने की मांग की गई.
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शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने गांव के पास गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया. पिंजरा लगाने के बाद निगरानी शुरू हो गई. वन विभाग की टीम इलाके पर नजर रख रही थी. इंतजार था कि गुलदार कब पिंजरे तक पहुंचेगा. एक दिन बीता. फिर दूसरा. फिर तीसरा... करीब पांच दिन तक इंतजार चलता रहा. आखिरकार सुबह वो खबर आई, जिसका गांव वालों को इंतजार था. गुलदार पिंजरे में फंस चुका था.
गुलदार के पिंजरे में कैद होने की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को हुई, लोग मौके की तरफ पहुंचने लगे. कुछ ही देर में पिंजरे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई. हर कोई अपनी आंखों से उस गुलदार को देखना चाहता था, जिसकी वजह से पिछले कई दिनों से गांव में डर का माहौल था.
गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वन विभाग की टीम ने लोगों को पिंजरे से दूर रहने के लिए कहा. लोगों को पीछे किया गया और रेस्क्यू की तैयारी शुरू हुई. टीम ने सुरक्षा इंतजामों के बीच गुलदार का रेस्क्यू किया.
कुछ देर पहले तक जिस गांव में गुलदार की वजह से दहशत थी, वहीं अब लोग राहत की सांस लेते दिखाई दिए. अब कम से कम सदरुद्दीननगर गांव के आसपास घूम रहा ये गुलदार वन विभाग की पकड़ में था.
गांव के लोगों के लिए गुलदार का पकड़ा जाना बड़ी राहत की बात है. कई दिनों से लोगों के मन में यही डर था कि कहीं खेत में काम करते वक्त या गांव के आसपास चलते हुए किसी का सामना गुलदार से न हो जाए.
ऋतिक राजपूत