उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है. शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैरमनगर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना के तहत बनाई जा रही पानी की ओवरहेड टंकी किच्छा नदी के भीषण कटान की चपेट में आकर पूरी तरह नदी में समा गई. करीब 3.97 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस विशालकाय पानी की टंकी के नदी में ढहने का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस हादसे के बाद ग्रामीणों की 'हर घर नल से जल' की उम्मीदें फिलहाल अधर में लटक गई हैं.
ग्राम पंचायत बैरमनगर में जल जीवन मिशन का काम लगभग अंतिम चरण में था. गांव में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी थी और लगभग 70 फीसदी घरों में पानी की टोंटियां (टैप कनेक्शन) भी लगा दी गई थीं. ग्रामीणों को जल्द ही घर-घर स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी.
लेकिन पिछले सप्ताह किच्छा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तेजी से भू-कटान शुरू हो गया. सबसे पहले टंकी की सुरक्षा के लिए बनी चारदीवारी नदी में समाई और फिर नींव के आसपास की जमीन खिसकने से पूरी ओवरहेड टंकी ताश के पत्तों की तरह नदी में जा गिरी. देखें VIDEO:-
अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे काफी समय से नदी के कटान की जानकारी अधिकारियों को दे रहे थे और टंकी को बचाने के लिए स्टोन पिचिंग (सुरक्षा दीवार) कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई ध्यान नहीं दिया.
उधर, जल निगम के अधिकारियों (XEN आकांक्षा सिंह, AE संजय सिंह और JE राकेश चौधरी) ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जब टंकी के लिए जमीन चुनी गई थी, तब किच्छा नदी यहां से करीब 500 मीटर दूर थी. पिछले 2-3 सालों में लगातार हुए कटान के कारण नदी टंकी से महज 100 मीटर की दूरी पर आ गई थी.
अधिकारियों ने टंकी गिरने से पहले ही सोलर पैनल, डीजी सेट, स्कॉडा सिस्टम और जनरेटर जैसे कीमती उपकरण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिए थे. इसके बावजूद, लगातार हो रहे कटान को रोका नहीं जा सका और पूरी योजना जलमग्न हो गई.
कृष्ण गोपाल राज