उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मृत दारोगा की वर्दी वाली तस्वीर का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई गई. इस अकाउंट पर खुद को बरेली में तैनात दारोगा बताया गया और एक महिला को लेकर अश्लील व आपत्तिजनक पोस्ट कर दी गई. पोस्ट वायरल होने के बाद लोग इसे पुलिसकर्मी की करतूत समझने लगे.
मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंचा तो साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर 'दीपक जाट' नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई गई थी. इसमें नियुक्ति स्थान बरेली दर्शाया गया था और प्रोफाइल फोटो में पुलिस की वर्दी पहने एक दारोगा की तस्वीर लगाई गई थी. इसी अकाउंट से नेहा भारती नाम की महिला को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट की गई थी.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए कुतुबखाना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनूप सिंह ने 14 सितंबर को कोतवाली थाने में अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. शुरुआत में आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की.
मृत दरोगा की तस्वीर का हुआ इस्तेमाल
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि फर्जी प्रोफाइल पर लगी तस्वीर किसी आरोपी की नहीं, बल्कि स्वर्गीय उपनिरीक्षक आकाश यादव की थी. आकाश यादव अयोध्या जिले में तैनात रहे थे और कुछ महीने पहले रात्रि गश्त के दौरान हुए सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी. वह मूल रूप से मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के रहने वाले थे.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृत दारोगा का इस इंस्टाग्राम अकाउंट से कोई संबंध नहीं था. किसी दूसरे व्यक्ति ने उनकी वर्दी वाली तस्वीर का इस्तेमाल करके फर्जी पहचान बनाई थी. इसके बाद उसी पहचान के जरिए सोशल मीडिया पर महिला को परेशान किया गया और आपत्तिजनक पोस्ट की गईं. पुलिस का कहना है कि इस घटना से बरेली पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी हुई.
साइबर क्राइम पुलिस ने इंस्टाग्राम अकाउंट और उससे जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की. मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और मोबाइल डिवाइस से जुड़े तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया गया. इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची. आरोपी की पहचान दीपक कौशिक पुत्र जितेंद्र कौशिक, निवासी रतुपुरा, पोस्ट हैजलपुर, थाना रायपुर देहात, जिला बिजनौर के रूप में हुई.
झुमका चौराहे से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार दीपक कौशिक मीरगंज क्षेत्र स्थित डीबीओएल शुगर मिल में रह रहा था. साइबर क्राइम थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी झुमका चौराहे से कहीं जाने की फिराक में है. इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की और उसे मौके से पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए.
पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के पीछे आरोपी की भूमिका सामने आई. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अधिकारियों के मुताबिक, किसी ने सोशल मीडिया पर फर्जी फोटो लगाकर इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी और खुद को बरेली में तैनात बताया था. महिला को परेशान किए जाने की जानकारी मिलते ही मामले को तत्काल संज्ञान में लिया गया और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की गई.
इस मामले ने यह भी साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर किसी पुलिसकर्मी की तस्वीर देखकर उसके नाम से चल रहे अकाउंट को असली मान लेना कितना भ्रामक हो सकता है. साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फर्जी प्रोफाइल चलाने वाले आरोपी की पहचान की और कार्रवाई की. पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
कृष्ण गोपाल राज