अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है. मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को जांच में क्लीन चिट दी गई है. पुलिस ने इस मामले में कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है. पुलिस ने चढ़ावा चोरी की एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को मामले में पहला गवाह बनाया है. इसके अलावा चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी गवाहों में शामिल हैं. कोतवाली इंस्पेक्टर, राम जन्मभूमि थाना इंस्पेक्टर और सीओ अयोध्या समेत कुल 27 पुलिसकर्मियों को भी केस में गवाह बनाया गया है.
CCTV में 85 बार चोरी करता दिखा अविनाश
पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत के तौर पर सामने आया है. जांच के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला सबसे ज्यादा बार चढ़ावा चोरी करते हुए कैमरे में दिखाई दिया. पुलिस का दावा है कि अविनाश 85 बार खुद चोरी करते और चार बार चोरी में मदद करते हुए CCTV में कैद हुआ. आरोपी करुणेश पांडे पर दो बार खुद चोरी करने और 68 बार चोरी में मदद करने का आरोप है. वहीं लव कुश मिश्रा एक बार चोरी और 52 बार चोरी में मदद करते हुए पाया गया. अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार चोरी में मदद करने का आरोप है, जबकि रमाशंकर मिश्रा पर एक बार चोरी करने का आरोप लगाया गया है.
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव को अप्रैल 2026 में नौकरी दिलाई गई थी. जांच के मुताबिक, मनीष ने 15 अप्रैल से 3 जून के बीच 16 बार खुद चोरी की और 19 बार अन्य आरोपियों की मदद की. इस तरह करीब 50 दिन की नौकरी के दौरान वह 35 बार चोरी करने या उसमें मदद करने में कथित रूप से शामिल रहा.
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करीब 80 लाख रुपये बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सात आरोपियों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये बरामद किए गए हैं. वहीं मामले के सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों में कुल 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है.
जांच में रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस का आरोप है कि उसने 25 और 30 मई को अविनाश शुक्ला को चोरी करने में मदद की थी. सुभाष को 7 जनवरी 2022 से दानपात्र में आए चढ़ावे की रकम बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी.
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने ज्यादा रकम चोरी करने के लिए सुभाष को अपने साथ मिला लिया था. आरोप है कि सुभाष के कहने पर सुरक्षा गार्ड चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों की आते-जाते समय चेकिंग नहीं करते थे. पुलिस का दावा है कि अप्रैल 2026 में मनीष यादव की नौकरी लगने के बाद आरोपी मिलकर बड़ी रकम चोरी करने लगे.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बरामद रकम, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर मामले की जांच पूरी कर ली है.
संतोष शर्मा