अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे की रकम की चोरी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस रिमांड समाप्त हो गई है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन 39 घंटों की सघन पूछताछ में टिन्नू यादव टूट गया और उसने मंदिर के भीतर चल रहे इस बड़े स्कैम की पूरी स्क्रिप्ट पुलिस के सामने रख दी. पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की रकम से खरीदी गई लग्जरी गाड़ियां और भारी मात्रा में नकद बरामद किया है.
पूछताछ में टिन्नू यादव ने कुबूला कि मंदिर परिसर में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और लवकुश मिश्रा पहले से ही चढ़ावे की चोरी कर रहे थे. टिन्नू को इसकी भनक लग गई थी.
इस चोरी में अपना हिस्सा और दबदबा बढ़ाने के लिए ही टिन्नू यादव ने पैरवी करके अप्रैल 2026 में अपने सगे भतीजे मनीष यादव को चढ़ावा गिनने की नौकरी पर रखवाया था. मनीष ने 15 अप्रैल 2026 से काम शुरू किया और मई के दूसरे सप्ताह में अविनाश शुक्ला के साथ मिलकर पहली बड़ी चोरी को अंजाम दिया.
टिन्नू यादव के पास अनधिकृत रूप से हुंडी यानी दानपात्र की चाबियां रहती थीं. जब मनीष नाइट शिफ्ट में चोरी करता, तो टिन्नू यादव उसे अपनी बुलेट बाइक पर बैठाकर बिना किसी सुरक्षा चेकिंग के मंदिर के VVIP गेट से बाहर सुरक्षित निकाल ले जाता था. टिन्नू की बुलेट बिना रोक-टोक मंदिर परिसर में आती-जाती थी.
चेकिंग की सूचना लीक करता था टिन्नू
टिन्नू यादव ने माना कि जब भी मंदिर के काउंटिंग रूम में सुरक्षा अधिकारियों या ट्रस्ट की सुगबुगाहट होती थी, वह तुरंत अपने गैंग को अलर्ट कर देता था.
बाथरूम में छिपाए थे 2.25 लाख रुपये
सीसीटीवी फुटेज सामने रखे जाने पर टिन्नू ने स्वीकार किया कि 4 जून को जब कर्मियों की तलाशी लेने का आदेश हुआ, तो यह बात उसने पहले ही लीक कर दी थी. इसी सूचना के बाद अनुकल्प मिश्रा ने हड़बड़ाहट में 2 लाख 25 हजार रुपये की चोरी की रकम को मंदिर के बाथरूम में छिपा दिया था. मनीष यादव ने भी स्वीकार किया कि वह चोरी का सारा पैसा अपने चाचा टिन्नू को ही लाकर सौंपता था.
जेल में 'VIP ट्रीटमेंट' की खबरों का खंडन
इसी बीच, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में खबरें तैरने लगीं कि राम मंदिर के इन चोरों को अयोध्या जेल में विशेष सुविधाएं और वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. इन खबरों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अयोध्या जिला कारागार के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसका खंडन किया.
हाई सिक्योरिटी बैरक में आरोपी
जेल अधीक्षक मुकेश कुमार ने साफ किया, "जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने संबंधी मीडिया की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत और तथ्यहीन हैं. इस मामले के सभी आठों आरोपी कारागार की अति-सुरक्षित 'हाई सिक्योरिटी बैरक' में बंद हैं. नियमों से हटकर किसी को तिनका भर भी विशेष सुविधा नहीं दी गई है."
24 घंटे कैमरों की जद में हैं सभी आठों बंदी
जेल प्रशासन के अनुसार, सभी आरोपियों की हर एक गतिविधि पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात हैं. पूरी बैरक 24 घंटे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की कड़ी निगरानी में है. जेल अधीक्षक ने कहा कि सभी बंदी हर समय कैमरों की लाइव फीड में रहते हैं और सुरक्षा की हाई लेवल समीक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर किसी भी समय इन सीसीटीवी फुटेज की री-चेकिंग की जा सकती है. कारागार प्रशासन मैन्युअल के हिसाब से ही सभी बंदियों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है.
आरोपियों को वापस जेल भेजा
उधर, 39 घंटे की रिमांड हुई पूरी होने पर पुलिस ने राम शंकर यादव टिन्नू यादव और मनीष यादव को वापस जेल भेज दिया.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पूछताछ के बाद पुलिस ने राम शंकर यादव टिन्नू की अर्टिगा कार के साथ बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली. अब तक चढ़ावा चोरी मामले पर पुलिस ने 3 चार पहिया वाहन] एक बुलेट मोटरसाइकिल] शेयर मार्केट के पत्र और इसके साथ ही गोल्ड की वस्तुएं भी बरामद की हैं. इसी के साथ चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस आठों आरोपियों को रिमांड पर ले चुकी है.
संतोष शर्मा / मयंक शुक्ला