US Election: लास्ट मोमेंट कैंपेन में क्या कर रहे हैं कमला हैरिस और ट्रंप? पिछले चुनाव में कैसे तय हुई थी हार-जीत

सबसे पहले बात पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होनी चाहिए. 2016 में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके ट्रंप ने 2020 में लगातार दूसरी बार रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव की दावेदारी ठोकी थी. लेकिन उन्हें डेमोक्रेट जो बाइडेन से हार का सामना करना पड़ा था.

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कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:50 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. मंगलवार को अमेरिकी जनता अपना अगला राष्ट्रपति चुनने के लिए वोट डालेगी. यह मुकाबला डेमोक्रेट कमला हैरिस और रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप के बीच है. अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए दोनों उम्मीदवार एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा रहे हैं. ऐसे में इन दोनों उम्मीदवारों के पिछले चुनावों के प्रचार अभियान की इस बार के चुनाव के अभियान से तुलना करना जरूरी है. 

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सबसे पहले बात पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होनी चाहिए. 2016 में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके ट्रंप ने 2020 में लगातार दूसरी बार रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव की दावेदारी ठोकी थी. लेकिन उन्हें डेमोक्रेट जो बाइडेन से हार का सामना करना पड़ा था.

ट्रंप ने मिशिगन से की थी 2024 राष्ट्रपति चुनाव की शुरुआत

डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की शुरुआत मिशिगन से की थी. यहां लोगों को संबोधित कर ट्रंप ने जो बाइडेन पर निशाना साधा था.

जब ट्रंप के लिए प्रचार करने मंच पर पहुंचे एलन मस्क

ट्रंप की पेनसिल्वेनिया की रैली में एलन मस्क मंच पर दिखाई दिए. इस दौरान हजारों की संख्या में भीड़ ने फाइट-फाइट, वोट-वोट के नारे लगाए. पेनसिल्वेनिया वही जगह हैं जहां ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था. 

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फिलाडेल्फिया का टाउन हॉल म्यूजिक इवेंट में तब्दील हुआ

डोनाल्ड ट्रंप ने फिलाडेल्फिया में टाउन हॉल में हिस्सा लिया. इस दौरान भीड़ में एक मेडिकल इमरजेंसी का मामला सामने आया, जिसके बाद सवाल-जवाब का सिलसिला थोड़ी देर रुक गया. कुछ वक्त बाद, उन्होंने वापस अपनी बात शुरू करने की कोशिश की, लेकिन एक और मेडिकल मामले की वजह से परेशानी खड़ी हुई. इसके बाद ट्रंप ने मंच पर ही एक चक्कर लगाया.

पहली घटना के दौरान ट्रंप ने "Ave Maria" गाना बजाने की गुजारिश की और गाने का इंस्ट्रूमेंटल वर्जन बजाया गया. दूसरी घटना के दौरान, उन्होंने कहा कि उनका मतलब इतालवी ओपेरा सिंगर लुसियानो पवारोट्टी (Luciano Pavarotti) के गाने के वर्जन से था. इसके बाद फौरन ये वाला गाना बजाया गया. 

जब मैकडॉन्ल्ड्स में ट्रंप ने बेचे बर्गर

डोनाल्ड ट्रंप पिछले महीने पेन्सिलवेनिया में मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) पहुंचे थे और वहां कुक बनकर काम भी किया था. McDonald's पहुंचने के बाद ट्रंप ने कुक वाला सूट पहना और दूसरे कर्मचारियों से बातचीत करते हुए फ्राइज बनाने का काम किया. उन्होंने रेस्टोरेंट के ड्राइव-थ्रू में लोगों को खाना भी परोसा.

इतना ही नहीं ट्रंप ने उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस का मजाक भी उड़ाया. ट्रंप ने कहा कि 'मैंने McDonald's में कमला हैरिस से 15 मिनट ज्यादा काम किया.' बता दें कि कमला हैरिस ने दावा किया था कि जब वह स्टूडेंट थीं तो उन्होंने अमेरिका के अंदर McDonald's में काम किया है. ट्रंप ने उनके इसी दावे पर कटाक्ष किया है.

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अमेरिका की पहली हिंदू सांसद पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के प्रचार से जुड़ीं

अमेरिका की पहली हिंदू सांसद और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता रह चुकी तुलसी गबार्ड ने पिछले महीने रिपब्लिकन पार्टी का हाथ थाम लिया. इसका ऐलान उन्होंने खुद नॉर्थ कैरोलिना  में आयोजित डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान किया था. इस रैली में उन्होंने जोरदार समर्थन के बीच अपने फैसले का खुलासा किया. तुलसी गबार्ड ने कहा कि मैं गर्व के साथ आज यहां आप सबके साथ खड़ी हूं और यह ऐलान करती हूं कि मैं रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हो रही हूं. ट्रंप को देश का अगला राष्ट्रपति बनाने के लिए जोरशोर से प्रचार करूंगी.

दिवाली के बहाने हिंदू वोटर्स को साधने की कोशिश

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीयों और भारतवंशियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा भी की. ट्रंप ने कहा कि मैं बर्बरतापूर्ण हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं, जो हिंदुओं, ईसाइयों, और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही है. बांग्लादेश में हालात पूरी तरह से अराजकता की स्थिति में हैं.

ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि उनके कार्यकाल में ऐसे हालात नहीं बने होते. उन्होंने कहा, "यह सब कुछ मेरे कार्यकाल में संभव नहीं होता. कमला और जो (बाइडेन) ने दुनिया भर के और अमेरिका के हिंदुओं को इग्नोर किया है."

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मिशिगन के वोटर हुए ट्रंप की तरफ शिफ्ट

मिशिगन इन चुनावों में एक महत्वपूर्ण राज्य है. यहां अब तक परंपरागत रूप से भारतवंशी, मुसलमान और अफ्रीकी, जो अमेरिकी डेमोक्रेट्स का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन ये अब रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने लगे हैं. 

कचरे का ट्रक लेकर रैली में पहुंचे ट्रंप

डोनाल्ड ने अक्टूबर के अंत में  विस्कॉन्सिन के ग्रीन बे इलाके में एक रैली की. इस दौरान वह कूड़े के डंप ट्रक को लेकर रैली स्थल पर पहुंचे. कचरा ट्रक को ट्रंप के चुनावी अभियान के लोगो, झंडे और अमेरिकी झंडे से ढका गया था, जबकि ट्रंप खुद वाहन की अगली सीट पर बैठे थे और चमकीले सुरक्षा जैकेट पहने हुए थे.

ट्रंप ने वहां अपने हजारों समर्थकों को संबोधित किया और कहा कि कमला हैरिस राष्ट्रपति बनने लायक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जो बाइडेन और कमला को मेरा जवाब बहुत सीधा-सा है. अगर आप अमेरिकी नागरिकों से प्यार नहीं करते हैं तो आप अमेरिका का नेतृत्व नहीं कर सकते. यह सच है. अगर आप अमेरिकी लोगों से नफरत करते हैं तो आप राष्ट्रपति नहीं बन सकते. मेरा कचरा उठाने वाला ट्रक जो बाइडन के सम्मान में है. बाइडन का बयान बहुत अपमानजनक है.

इस तरह देखा जा सकता है कि ऐसे समय में जब राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार-प्रसार आखिरी चरण में है. ट्रंप पूरी तरह से कमला हैरिस पर आक्रामक नजर आ रहे हैं. वह हर रैली में कमला हैरिस का जिक्र कर उन्हें नाकाबिल बताने पर तुले हुए हैं. हाल ही में पेंसिल्वेनिया, विस्कॉन्सिन और मिशिगन की उनकी रैलियों में यही पैटर्न देखने को मिल रहा है. 

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जनवरी 2020 में ओहायो में हुई थी ट्रंप की पहली रैली

2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की पहली रैली नौ जनवरी को ओहायो के टोलेडो में हुई थी. इस पूरे महीने ट्रंप ने पांच रैलियां की थी, जिनमें विस्कॉन्सिन, न्यूजर्सी, आयोवा और कन्सास में रैलियां की गई थी.

जुलाई 2020 में राष्ट्रपति चुनाव चरम पर पहुंच गया था. इस दौरान ट्रंप ने माउंट रशमोर में 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा था कि उनकी लड़ाई एक नए वामपंथी फासीवाद से है. 

जून और जुलाई में ट्रंप ने प्रचार के लिए फेसबुक विज्ञापनों के लिए 20 लाख डॉलर से अधिक की धनराशि खर्च की थी. हालांकि, जुलाई के अंत में ट्रंप के प्रचार अभियान का टेलीविजन विज्ञापन अस्थाई तौर पर रोक दिया गया था. ऐसा मैसेजिंग स्ट्रैटेजी के दोबारा आकलन के लिए किया गया था. 

अगस्त 2020 में ट्रंप ने अपने प्रचार अभियान का दायर बढ़ा लिया था और न्यूजर्सी के बेडमिंस्टर के गोल्फ क्लब में जुटे 300 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर स्लीपी जो (Sleepy Joe) और स्लो जो (Slow Joe) का नारा दिया था. वह 2020 के प्रचार के दौरान जो बाइडेन को इन्हीं नामों से पुकारते रहे. 

20 अगस्त को ट्रंप ने पेंसिल्वेनिया की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि जो बाइडेन कट्टरपंथी लेफ्ट आंदोलन की कठपुतली हैं जो अमेरिका को बर्बाद करने पर तुला है. 

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सितंबर 2020 में ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना में कहा था कि लोगों को दो बार वोट करना चाहिए. एक बार व्यक्तिगत तौर पर और दूसरा मेल के जरिए. उन्होंने कहा था कि ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह आसानी से पकड़ में आता है या नहीं. 

इसी महीने पेंसिल्वेनिया की एक रैली में ट्रंप ने कहा था कि लोगों को मेल के बजाए व्यक्तिगत तौर पर बूथ पर जाकर वोटिंग करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने में धांधली की गुंजाइश कम रहती है. 

13 सितंबर 2020 को ट्रंप ने नेवादा में एक रैली की थी. कोरोना की वजह से यह उनकी पहली इनडोर रैली थी, जहां कोरोना नियमों के अनुरूप 50 लोग जुटे थे. 

प्रचार के आखिरी चरण में बाइडेन पर आक्रामक हुए थे ट्रंप

अक्तूबर की शुरुआत में ट्रंप की प्रचार टीम ने फेसबुक पर ऐसे कई विज्ञापनों पर पैसा खर्च किया था, जिनमें जो बाइडेन की फोटो से छेड़छाड़ कर उनके कानों में ईयरपीस लगाया गया था. इन विज्ञापनों में कहा गया था कि Who is in Joe's ear?

15 अक्तूबर को अपनी-अपनी पार्टियों की टाउन हॉल मीटिंग की थी. 22 अक्तूबर को नैशविले में दोनों उम्मीदवारों के बीच दूसरी लाइव टीवी डिबेट हुई थी. 

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2020 के राष्ट्रपति चुनाव के आखिरी समय में भी ट्रंप ने बाइडेन का मजाक उड़ाना और उन्हें अजीबोगरीब नाम से बुलाना नहीं छोड़ा था. ट्रंप की चुनावी स्ट्रैटेजी का आधार विरोधी पर निजी हमले करना रहा है. चुनावी विश्लेषकों ने 2020 के चुनाव में ट्रंप की हार की सबसे बड़ी वजह यही बताई थी.

27 जुलाई को बाइडेन की जगह चुनावी मैदान में उतरी थीं हैरिस

भारतीय मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति जुलाई महीने में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरी थीं. दरअसल बाइडेन शुरुआत में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे. लेकिन बाद में खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर उन्होंने कमला हैरिस को यह जिम्मेदारी सौंप दी थी.

हैरिस ने 27 जुलाई को अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया था. कमला हैरिस को राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत डेमोक्रेट पार्टी के तमाम बड़े नेताओं का समर्थन है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर पूर्व हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेंटिव नेन्सी पेलोसी भी उनके समर्थन में हैं. 

बाइडेन के हटने के बाद बढ़ी थी कमला हैरिस की रेटिंग

राष्ट्रपति जो बाइडेन के उम्मीदवारी से पीछे हटने के बाद कमला हैरिस की जुलाई की अप्रूवल रेटिंग 8 फीसदी बढ़ गई थी. एबीसी न्यूज ने इप्सोस पोल का हवाला देते हुए बताया था कि कमला हैरिस की अप्रूवल रेटिंग अब 43 फीसदी है. जबकि, उनकी डिस-अप्रूवल रेटिंग 42 फीसदी है. यानी, 43 फीसदी अमेरिकी कमला हैरिस को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं. यानी, बाइडेन के राष्ट्रपति की रेस से पीछे हटने के बाद कमला हैरिस की न सिर्फ अप्रूवल रेटिंग बढ़ी है, बल्कि डिस-अप्रूवल रेटिंग में भी गिरावट आई थी.

I know Donald Trump’s type... नस्लीय टिप्पणी पर कमला हैरिस का पलटवार

डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस के रंग को लेकर उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी. लेकिन हैरिस ने ट्रंप के अंदाज में ही उन्हें जवाब दिया था. डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने कहा था कि जैसा कि आप लोग जानते हैं कि उपराष्ट्रपति बनने से पहले मैं सीनेटर रह चुकी हूं. सीनेटर चुने जाने से पहले मैं अटॉर्नी जनरल और उससे भी पहले डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रह चुकी हूं. और उससे पहले कोर्टरूम प्रॉसिक्यूटर की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हूं. 

हैरिस ने कहा था कि इन सभी भूमिकाओं में मेरा सामना हर तरह के अपराधियों से हुआ है. ऐसे अपराधी भी जिन्होंने महिलाओं का शोषण किया. ऐसे फ्रॉड जो लोगों को ठगते हैं. ऐसे लोग अपने फायदे के लिए नियमों को तोड़ते हैं. इसलिए जब मैं कहती हूं कि मैं डोनाल्ड ट्रंप का टाइप जानती हूं. तो मैं उनका टाइप जानती हूं और मैं उनके जैसे लोगों से डील करती रही हूं.

कमला हैरिस ने DNC के आखिरी दिन कसा था ट्रंप पर तंज

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अगस्त महीने में शिकागो में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन (DNC) के आखिरी दिन आधिकारिक तौर पर पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए कहा था कि हमें जीत की दिशा में काम करना होगा. इस दौरान वहां मौजूद भीड़ लगातार कमला और USA के नारे लगा रही थी. 

डेमोक्रेटिक कन्वेंशन को संबोधित करते हुए हैरिस ने कहा था कि पिछले कुछ हफ्तों में मैं जिस रास्ते से होकर यहां तक पहुंची हूं, वह मेरी उम्मीद से परे रहा है. मेरी यात्रा मेरी मां की तरह बेहतरीन और चुनौतीपूर्ण रही है. मैं उन्हें हर दिन याद करती हूं. मैं अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए इस उम्मीदवारी को स्वीकार करती हूं. कई मायनों में डोनाल्ड ट्रंप नॉन सीरियस शख्स है. ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस पहुंचने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप के कार्यकाल में और उनके पद से हटने के बाद देश में जो कुछ हुआ है, उसे हम सबने देखा है. ट्रंप ने वोटर्स के फैसले को नकारने की कोशिश की थी.

लाइव टीवी डिबेट में ट्रंप पर भारी पड़ी थीं हैरिस

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवारों डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच हुई पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट में हैरिस का पलड़ भारी रहा. उन्होंने अर्थव्यवस्था से लेकर प्रवासियों के मुद्दे पर ट्रंप को जमकर घेरा था.

नवंबर की लास वेगास की रैली में ट्रंप थे निशाने पर

अमेरिका लास वेगास में  एक रैली को संबोधित करते हुए कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप का संबंध सिर्फ 'नफरत' और 'विभाजन' से है. उन्होंने कहा था कि 'वह व्हाइट हाउस में 'दुश्मनों की सूची' लेकर आएंगे जबकि मैं प्राथमिकता पर किए जाने वाले आपके कामों की सूची लेकर आऊंगी.'

'बदले की भावना से ग्रस्त हैं ट्रंप'

अमेरिकी सिंगर जेनिफर लोपेज भी डेमोक्रेटिक नेता के साथ रैली में शामिल हुईं. उन्होंने मतदाताओं से हैरिस का समर्थन करने की अपील की. हैरिस ने रैली में कहा कि 'हम सभी जानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप कौन हैं. वह ऐसे इंसान नहीं हैं जो आपके जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचते हैं बल्कि वह काफी अस्थिर, बदले की भावना से ग्रस्त और शिकायतों से ग्रस्त और बेलगाम सत्ता के इच्छुक हैं.'

विस्कॉन्सिन में कमला हैरिस का धुंआधार प्रचार 

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने विस्कॉन्सिन में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम जीतेंगे. उन्होने काह कि अब समय आ गया है कि हम एक नया अध्याय शुरू किया जाए और अमेरिका में नेतृत्व की नई पीढ़ी सामने आए.

प्रचार के आखिरी चरण में कमला ने लगाया जोर

कमला हैरिस ने चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में जीत के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दियचा. उनकी रैलियों में पॉप स्टार बियॉन्से से लेकर कई सेलिब्रिटीज नजर आईं. पॉप सुपरस्टार बियॉन्से ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के समर्थन में ह्यूस्टन में आयोजित रैली में शिरकत की थी. अपने होम टाउन ह्यूस्टन में आयोजित इस रैली में बियॉन्से ने मंच पर कहा कि वह यहां एक सेलिब्रिटी के रूप में नहीं, बल्कि एक मां के रूप में आई हैं.

ऐसे समय में जब अमेरिका में वोटिंग के लिए एक ही दिन का समय बचा है. कई बड़े फिल्म स्टार्स और पॉप स्टार कमला हैरिस के समर्थन में खड़े हो गए हैं. कमला हैरिस की हर रैली में एक नया स्टार दिखाई देता है. ओबामा दंपते से लेकर हॉलीवुड स्टार्स उनकी रैलियों में पहुंच रहे हैं. कमला हैरिस हर रैली में मतदाताओं को बता रही हैं कि उनके जीतने पर क्या बदलेगा और ट्रंप के जीतने पर क्या होगा?

2020 में ट्रंप और कमला हैरिस के बीच अलग थी कहानी

2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जहां ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में थे. वहीं, कमला हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं. उन्होंने पहले अश्वेत और दक्षिण एशियाई महिला के तौर पर उपराष्ट्रपति चुनाव लड़कर इतिहास रचा था. 

2020 के राष्ट्रपति चुनाव में हालांकि, शुरुआत में हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के दावेदारों में से एक थी. लेकिन यहां बाइडेन ने बाजी मार ली थी. इसके बाद बाइडेन ने पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए हैरिस का चुनाव किया. 

इस दौरान कमला हैरिस ने अमेरिका को फिर से एकजुट करने और खुशहाल बनाने पर जोर दिया था. उन्होंने इस दौरान स्विंग स्टेट्स सहित अफ्रीकी मूल के अमेरिकी समुदाय और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच रैलियां की.

2024 में ट्रंप और हैरिस ने स्विंग स्टेट्स में लगाया पूरा दमखम

डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस दोनों इन सात राज्यों में पूरा जोर लगा रहे हैं और बड़ी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. साथ ही उनके साथी मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज (डेमोक्रेटिक पार्टी के उप राष्ट्रपति उम्मीदवार) और ओहियो के सीनेटर जेडी वेंस (रिपब्लिकन पार्टी के उप राष्ट्रपति उम्मीदवार) भी हैं. हैरिस और ट्रंप दोनों के कैम्पेन मैनेजर्स ने सातों स्विंग स्टेट्स में हजारों वॉलंटियर्स को तैनात किया है, जो घर-घर जा रहे हैं और अमेरिकियों से वोट करने का आग्रह कर रहे हैं.

दोनों तरफ से सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और जॉर्जिया जैसे राज्यों में प्रचार कर रहे हैं. पिछले 50 घंटों में, टेलीविजन नेटवर्क और स्थानीय रेडियो स्टेशनों पर कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के कैम्पेन से जुड़े विज्ञापनों की बाढ़ ​सी आ गई है. दोनों उम्मीदवारों ने इस पर लाखों डॉलर खर्च किए हैं. ट्रंप और हैरिस ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम कुछ घंटों के लिए रिकॉर्ड फंड जुटाया है. 

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