8 साल की उम्र में खेलते वक्त हुआ हादसा, 54 साल बाद पता चला, सामने आई डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही

डॉमी उस वक्त महज 8 साल की थीं, जब खेलते वक्त उनके साथ एक हादसा हो गया. फिर 54 साल तक वो अलग अलग डॉक्टरों के पास गईं लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी.

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54 साल बाद महिला को मिली आंख में गए पत्थर से राहत (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels) 54 साल बाद महिला को मिली आंख में गए पत्थर से राहत (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2023,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

अगर आपके जूते में कंक्कड़ आ जाए, या खाने के चावल में, तो कैसा लगेगा? एक महिला ने इसी दिक्कत को 54 साल तक झेला है. इतने लंबे वक्त तक उसकी आंख में एक पत्थर था. स्पेन की रहने वाली 62 साल की डॉमी का कहना है, 'हम 20 से ज्यादा डॉक्टरों के पास गए और सबने मेरे साथ ऐसे व्यवहार किया, जैसे मैं कोई पागल हूं.' डॉमी के साथ ये हादसा 8 साल की उम्र में 1965 में हुआ था, जब वह गार्डन में इस्तेमाल होने वाली कुदाल के साथ खेल रही थीं.  

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न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, खेलते वक्त ही उनकी आंख में पत्थर चला गया. तब खून तक बहने लगा था. जब डॉमी डॉक्टर के पास गईं, तो उन्हें कहा गया कि कोई खतरा नहीं है. डॉमी ने दावा किया कि वह 20 डॉक्टरों के पास गईं और सब जगह एक ही बात सुनने को मिली. उन्हें आंख में 14 से 18 साल की उम्र के बीच आराम मिला था. लेकिन वह जानती थीं कि आंख में पत्थर है, इसी वजह से उन्होंने डॉक्टरों के पास जाना जारी रखा. मगर डॉक्टरों को ये बात समझ नहीं आ रही थी. आंख में दर्द के कारण 28 साल की उम्र में वह एक विशेषज्ञ के पास गईं. उसने उनकी मेंटल हेल्थ पर ही सवाल उठा दिए. 

2019 में निकाला गया पत्थर

साल 1996 में आंखों के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कर बताया कि आंखों में कोई अजीब चीज है. लेकिन उन्होंने इसे पत्थर के बजाय गांठ बता दिया. डॉमी का कहना है कि हर किसी ने पुराने डॉक्टर की रिपोर्ट देखी और उसी के आधार पर इलाज किया. उन्हें आंखों में आंसू लेकर डॉक्टर के क्लिनिक से निकलना पड़ता था. लेकिन फिर 2019 में एक सर्जिकल प्रोसेजर के दौरान मैड्रिड में ही डॉक्टरों ने आंखों के भीतर फंसे पत्थर का पता लगाया और इसे निकाल दिया. 

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डॉमी ने उठाया कानूनी कदम

इसी साल डॉमी ने एक्स्ट्रीमादुरा हेल्थ सर्विस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया. वह अपने लंबे संघर्ष के लिए इसे ही जिम्मेदार मानती हैं. उन्हें कोर्ट के आदेश के बाद 97,000 डॉलर का मुआवजा मिलेगा. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा जब मेडिकल लापरवाही के चलते किसी महिला को इतनी परेशानी हुई हो. बल्कि इससे पहले खबर आई थी कि एक महिला के पेट से दो दशक बाद वैसलीन की पट्टियां निकाली गई हैं. जिन्हें डॉक्टर ने एक ऑपरेशन के दौरान गलती से पेट में छोड़ दिया था.

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