मेले में झूला देखते ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के चेहरे खिल उठते हैं. कोई झूले पर बैठकर खूब हंसता है, तो कोई डर के मारे अपनी आंखें बंद कर लेता है. लेकिन सोचिए, अगर इसी झूले पर पुलिसवाले बैठ जाएं तो क्या होगा? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी आम लोगों के साथ मेले के एक अनोखे झूले का मजा लेते नजर आ रहे हैं. जैसे ही झूला तेजी से गोल-गोल घूमना शुरू करता है, उनके चेहरे के हाव-भाव देखने लायक हो जाते हैं. कोई खुश नजर आता है, तो कहीं हैरानी और घबराहट. पुलिस वालों का यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
मेले में पुलिसवालों ने भी लिया झूले का मजा
आमतौर पर पुलिसवालों को ड्यूटी करते, भीड़ संभालते और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए देखा जाता है. लेकिन इस वीडियो में उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. वे आम लोगों के साथ मेले में लगे झूले का मजा लेते नजर आए. वीडियो में पुलिसकर्मी एक गोल आकार वाले झूले के अंदर दिखाई देते हैं. झूला जैसे ही तेजी से घूमना शुरू करता है, वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर अलग-अलग तरह के भाव नजर आने लगते हैं. कुछ लोग इस रोमांच का मजा लेते दिखते हैं, जबकि कुछ के चेहरे पर घबराहट दिखाई देती है. यही अलग-अलग रिएक्शन लोगों को खूब पसंद आ रहा है. वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि वर्दी पहनकर अपनी ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी भी आम लोगों की तरह छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेते हैं. आखिरकार, काम के साथ-साथ मनोरंजन भी जरूरी है.
क्या है यह झूला, जिसमें दीवार से चिपक जाते हैं लोग?
इस वीडियो में दिख रहे झूले को ग्रैविट्रॉन (Gravitron) कहा जाता है. इसे कई जगहों पर 'स्टिकी वॉल राइड' यानी दीवार से चिपकाने वाला झूला भी कहते हैं. यह मेले और मनोरंजन पार्क में दिखाई देने वाला एक खास तरह का झूला है. इसकी बनावट गोल कमरे जैसी होती है. इसके अंदर लोग गोल दीवार के सहारे खड़े होते हैं. इसके बाद मशीन शुरू होती है और पूरा झूला तेजी से गोल-गोल घूमने लगता है. जैसे-जैसे झूले की रफ्तार बढ़ती है, इसमें खड़े लोगों को बाहर की ओर धक्का महसूस होता है. इस वजह से वे झूले की अंदरूनी दीवार से दबे रहते हैं. कई बार झूले का फर्श नीचे कर दिया जाता है, जिससे लोगों को ऐसा लगता है, मानो वे बिना किसी सहारे के हवा में टिके हुए हैं. यही वजह है कि इस झूले पर बैठने का अनुभव लोगों के लिए रोमांचक होने के साथ-साथ थोड़ा डरावना भी हो सकता है.
इसके पीछे है साइंस का खेल
इस झूले को देखकर लोगों को स्कूल में पढ़ी गई फिजिक्स की बातें भी याद आ गईं. दरअसल, जब कोई चीज तेजी से गोल-गोल घूमती है, तो उसमें मौजूद व्यक्ति को बाहर की तरफ धक्का महसूस होता है. इसे आम भाषा में समझें तो झूले की तेज रफ्तार लोगों को उसकी दीवार की ओर दबाए रखती है. इसी वजह से जब झूले का फर्श नीचे हो जाता है, तब भी लोग दीवार के सहारे टिके रह सकते हैं. हालांकि, इसके पीछे सिर्फ एक बल नहीं, बल्कि घूमने की गति और दीवार से मिलने वाला सहारा भी अहम भूमिका निभाते हैं. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस वीडियो को साइंस की क्लास दोबारा याद दिलाने वाला बताया. एक यूजर ने इसे 'फिजिक्स क्लास का रिफ्रेशर कोर्स' कह दिया. यानी मेले के इस झूले ने लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें विज्ञान की बातें भी याद दिला दीं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
पुलिसवालों को आम लोगों के साथ झूला झूलते देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने खुशी जताई. कुछ लोगों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को भी काम से समय निकालकर मनोरंजन करने का पूरा हक है. वहीं, कुछ यूजर्स ने झूले की तेज रफ्तार और लोगों के चेहरे के बदलते भावों पर मजेदार टिप्पणियां कीं. एक यूजर ने इसकी तुलना वॉशिंग मशीन के अंदर तेजी से घूमते कपड़ों से कर दी. कुछ लोगों ने इसे इंसानों को घुमाने वाली मशीन जैसा बताया. कुल मिलाकर, पुलिसकर्मियों का यह वीडियो इसलिए खास बन गया क्योंकि इसमें उन्हें ड्यूटी से अलग एक हल्के-फुल्के अंदाज में देखा जा सकता है. मेले का रोमांच, झूले की तेज रफ्तार और पुलिसवालों के मजेदार हाव-भाव ने लोगों का ध्यान खींच लिया.
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