महाराष्ट्र से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें एक दिव्यांग व्यक्ति वॉकर के सहारे रेलवे ट्रैक पार करता हुआ दिखाई दे रहा है. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि उसके ट्रैक पार करने के कुछ ही मिनट बाद वहां से ट्रेन गुजरने वाली थी. गनीमत रही कि समय रहते कुछ लोगों ने उसकी मदद की और उसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर पहुंचा दिया.
वीडियो में देख सकते हैं कि एक दिव्यांग व्यक्ति वॉकर की मदद से रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा है. उसके लिए चलना काफी मुश्किल दिखाई दे रहा है. वह धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए एक तरफ से दूसरी तरफ जाने की कोशिश करता है. रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पत्थर और दूसरी चीजें होने के कारण उसके लिए आगे बढ़ना और भी मुश्किल नजर आता है. इसके बावजूद वह किसी तरह ट्रैक पार करने की कोशिश करता रहता है.
इस घटना को और ज्यादा खतरनाक बनाने वाली बात यह थी कि ट्रेन के आने में कुछ ही मिनट बाकी थे. अगर वह समय पर ट्रैक पार नहीं कर पाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. ट्रेन की रफ्तार काफी तेज होती है और रेलवे ट्रैक पर मौजूद व्यक्ति को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिलता. ऐसे में इस तरह ट्रैक पार करना जानलेवा साबित हो सकता है. जब यह शख्स दूसरे प्लेटफॉर्म के पास पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उसकी मदद की. लोगों ने आगे बढ़कर उसे सहारा दिया और प्लेटफॉर्म पर चढ़ने में मदद की. इस तरह समय रहते उसकी जान बच गई. अगर वहां मौजूद लोग उसकी मदद के लिए आगे नहीं आते तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी.
वीडियो देखकर लोगों ने जताई चिंता
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग इस घटना को लेकर चिंता जता रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक को किसी भी हालत में पार नहीं करना चाहिए. लोगों ने यह भी कहा कि दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों पर ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए, जिससे उन्हें प्लेटफॉर्म बदलने के लिए ट्रैक पर उतरने की जरूरत न पड़े. इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए हैं. ऐसे यात्रियों के लिए रैंप, लिफ्ट और आसान रास्ते उपलब्ध होना जरूरी है.
अगर किसी व्यक्ति को चलने में परेशानी है, तो सीढ़ियों या फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करना उसके लिए मुश्किल हो सकता है. ऐसे में स्टेशन पर वैकल्पिक और सुरक्षित रास्ता होना बेहद जरूरी है. रेलवे ट्रैक कभी भी पैदल चलने या एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म जाने का रास्ता नहीं है. ट्रेन दूर दिखाई देने पर भी उसकी रफ्तार का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. इसलिए यात्रियों को हमेशा फुटओवर ब्रिज, रैंप, लिफ्ट या रेलवे की ओर से बनाए गए सुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी को मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार न करना पड़े.
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