तमिलनाडु के मदुरै के एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर ने सोचा था कि दिवाली पर फॉलोअर्स से कुछ मिठाइयां मिल जाएंगी. इसी उम्मीद में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना फोन नंबर और घर का पता शेयर कर दिया. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने उनकी परेशानी बढ़ा दी. मिठाइयों की जगह उनके नाम पर महंगे सामान के ऐसे ऑर्डर पहुंचने लगे, जिन्हें उन्होंने कभी बुक ही नहीं किया था.
वीरमणि नाम के इस इन्फ्लुएंसर के घर पर लगातार कैश ऑन डिलीवरी (COD) पार्सल आने लगे. टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे सामान उनके पते पर भेजे जा रहे थे. इनमें एक टीवी की कीमत करीब 1.69 लाख रुपये बताई गई.
आधे घंटे में पहुंच गए 15 ऑर्डर
वीरमणि ने सोशल मीडिया पर बताया कि मामला इतना बढ़ गया कि महज आधे घंटे के भीतर करीब 15 डिलीवरी उनके नाम पर पहुंच गईं. सभी सामान COD पर बुक किए गए थे, यानी डिलीवरी लेकर आने वाले कर्मचारी उनसे भुगतान मांग रहे थे.
इस प्रैंक का असर सिर्फ वीरमणि पर नहीं पड़ा. डिलीवरी एजेंट भी बेवजह परेशान हुए और लंबी दूरी तय करके ऐसे सामान लेकर उनके घर पहुंचते रहे, जिन्हें उन्होंने मंगाया तक नहीं था.
वीडियो बनाकर बोले- ऐसा करना बंद करो
लगातार आ रही डिलीवरी और फोन कॉल से परेशान वीरमणि ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर लोगों से ऐसा करना बंद करने की अपील की. उन्होंने कहा कि डिलीवरी कर्मचारी भी इस पूरे मामले में बेवजह फंस रहे हैं.एक वीडियो में उन्होंने कहा, "आप लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं? डिलीवरी वाले इतनी दूर से आ रहे हैं. ऐसा करना बंद करो. आधे घंटे में 15 ऑर्डर आ गए और मेरे पास इतना पैसा नहीं है.
एक अन्य वीडियो में उन्होंने डिलीवरी एजेंट्स की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कोई गलती नहीं है, फिर भी उन्हें लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है.
परेशान होकर शहर छोड़ने की बात कही
बार-बार अपील के बावजूद जब ऑर्डर आने बंद नहीं हुए तो वीरमणि ने एक और वीडियो पोस्ट किया. इसमें उन्होंने बताया कि महंगे सामान के ऑर्डर किए जाने के बाद लोग उन्हें फोन करके परेशान कर रहे हैं और वह शहर से बाहर जा रहे हैं.
यानी दिवाली पर मिठाई मिलने की उम्मीद से शेयर किया गया पता उनके लिए मुसीबत बन गया. इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर फोन नंबर और घर का पता सार्वजनिक करना कितना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि कोई भी इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर सकता है.
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