Video: जनरल डिब्बे में पंखा साथ लेकर चढ़ गया शख्स... वीडियो आया सामने!

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक यात्री ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट में टेबल फैन लगाने की कोशिश करता दिख रहा है. आइए जानते हैं कि रेलवे का चार्जिंग पॉइंट किन उपकरणों के लिए बनाया गया है और इसका गलत इस्तेमाल क्यों नुकसानदायक हो सकता है.

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ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में पंखा लगाया  (Photo:X/@SaffronChargers) ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में पंखा लगाया (Photo:X/@SaffronChargers)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है. हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. लेकिन समय-समय पर रेलवे से जुड़े ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जो यात्रियों की लापरवाही और सार्वजनिक संपत्ति के गलत इस्तेमाल पर सवाल खड़े करते हैं. कभी सीट को लेकर मारपीट, कभी सीट का कवर काटने की घटना, तो कभी ट्रेन में आग लगाने जैसी घटनाओं के वीडियो सामने आ चुके हैं.

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अब इसी कड़ी में एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक यात्री अपने साथ छोटा टेबल फैन लेकर ट्रेन में सफर करता दिखाई देता है. इसके बाद वह ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट में पंखे का प्लग लगाने की कोशिश करता है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

बताया जा रहा है कि यात्री जिस पंखे का इस्तेमाल करना चाहता था, वह 220 वोल्ट एसी पर चलने वाला घरेलू उपकरण था, जबकि ट्रेन का चार्जिंग पॉइंट ऐसे उपकरणों के लिए नहीं बनाया जाता. यही वजह है कि पंखा नहीं चला.

देखें वीडियो

पहले मैगी बनाने का वीडियो भी हुआ था वायरल

यह पहली बार नहीं है, जब ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट के गलत इस्तेमाल का मामला चर्चा में आया हो. इससे पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक यात्री ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट में इलेक्ट्रिक केतली लगाकर मैगी बनाता नजर आया था. उस वीडियो के बाद भी लोगों ने रेलवे के चार्जिंग पॉइंट के सही इस्तेमाल और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे.

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पंखा, केतली या हीटर क्यों नहीं चलाया जा सकता?

घरों में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पंखे, इलेक्ट्रिक केतली, रॉड, हीटर और इंडक्शन कुकर 230 वोल्ट एसी बिजली पर चलते हैं. वहीं ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट का डिजाइन मुख्य रूप से मोबाइल और कम बिजली खपत वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चार्जिंग के लिए किया जाता है. ऐसे में इन हाई-पावर उपकरणों को ट्रेन के सॉकेट में लगाने पर वे या तो चलेंगे नहीं या ठीक से काम नहीं करेंगे.

क्या इससे चार्जिंग सॉकेट खराब हो सकता है?

अगर कोई व्यक्ति ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में उसकी क्षमता से ज्यादा लोड वाला उपकरण लगाने की कोशिश करता है, तो सर्किट की सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हो सकती है या फ्यूज ट्रिप हो सकता है. इससे संबंधित चार्जिंग पॉइंट कुछ समय के लिए बंद हो सकता है और उसी सॉकेट का इस्तेमाल करने वाले दूसरे यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है. यही वजह है कि रेलवे चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल केवल उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए करने की सलाह देता है.

ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट से क्या-क्या चार्ज किया जा सकता है?

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रेलवे के चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल सामान्यतः इन उपकरणों के लिए किया जा सकता है:

मोबाइल फोन
टैबलेट
पावर बैंक
कई कोचों में लैपटॉप (जहां ऐसी सुविधा उपलब्ध हो)

इनके अलावा किसी भी हाई-पावर इलेक्ट्रिक उपकरण को ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट से जोड़ने से बचना चाहिए.

(नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है. वीडियो में किए गए दावों की aajtak.in स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता.)
 

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