विदेश जाकर पढ़ाई और नौकरी करना आज भी बहुत से भारतीय युवाओं का सपना है. खासकर अमेरिका को लेकर लोगों में काफी क्रेज है. अच्छी नौकरी, ज्यादा कमाई और बेहतर जीवन की उम्मीद में हर साल बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिका का रुख करते हैं. लेकिन अमेरिका में रह रहे एक भारतीय कपल ने युवाओं को विदेश जाने से पहले एक बार अच्छी तरह सोचने की सलाह दी है. कपल का कहना है कि जिस वजह से वे कई साल पहले अमेरिका आए थे, आज वैसी स्थिति भारत में नहीं है.
अमेरिका में रहने वाले सुहास और प्रियंका ने एक वीडियो इंटरव्यू में विदेश जाने को लेकर अपनी राय रखी. जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका आने की तैयारी कर रहे युवाओं को वह क्या सलाह देंगे, तो सुहास ने सीधा जवाब दिया- अमेरिका मत आइए. उन्होंने बताया कि जब वह और उनकी पत्नी अमेरिका आए थे, तब भारत में अच्छी नौकरी पाना और बेहतर जीवन जीना उनके लिए काफी मुश्किल था. उस समय अमेरिका उन्हें बेहतर विकल्प लगा. यहां पढ़ाई करने के बाद नौकरी पाने का रास्ता भी उन्हें आसान दिखाई देता था.
लेकिन सुहास का मानना है कि अब हालात बदल गए हैं. उनके मुताबिक आज भारत में भी युवाओं के पास अच्छी पढ़ाई, नौकरी और करियर के कई मौके हैं. उनका कहना है कि जो काम पहले विदेश जाकर करना जरूरी लगता था, उनमें से बहुत से काम अब भारत में रहकर भी किए जा सकते हैं.
विदेश जाने की कीमत सिर्फ पैसे नहीं
सुहास ने विदेश जाने के एक दूसरे पहलू पर भी बात की. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश में जाने का मतलब सिर्फ ज्यादा सैलरी पाना नहीं है. इसके साथ परिवार, दोस्तों और अपने देश को छोड़ने की कीमत भी चुकानी पड़ती है.उन्होंने बताया कि विदेश में नए लोगों के बीच अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता. नए दोस्त बनाना, अलग संस्कृति में रहना और खुद को वहां का हिस्सा महसूस करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है. सुहास ने यहां तक कहा कि अमेरिका में इतने साल रहने के बाद भी उन्हें पूरी तरह ऐसा महसूस नहीं होता कि उन्हें यहां स्वीकार किया गया है.
परिवार से दूर रहना भी बड़ी कीमत
कपल के मुताबिक विदेश जाने का सबसे बड़ा नुकसान परिवार से दूरी हो सकती है. माता-पिता, रिश्तेदार और पुराने दोस्त भारत में रह जाते हैं. दूसरी तरफ विदेश में रहने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी और काम में व्यस्त हो जाता है. सुहास ने कहा कि अगर उन्हें आज भारत में रहकर अमेरिका जाने का फैसला करना होता, तो शायद वह ऐसा नहीं करते. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि वह अचानक अमेरिका छोड़कर भारत वापस नहीं आ सकते, क्योंकि उन्होंने यहां कई सालों में अपनी जिंदगी बनाई है. वापस जाने पर उन्हें फिर से नई शुरुआत करनी होगी और इसमें भी काफी पैसा और मेहनत लगेगी.
वीजा और ग्रीन कार्ड की चिंता
सुहास ने अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की एक बड़ी परेशानी इमिग्रेशन को बताया. उनके मुताबिक भारतीयों के लिए नौकरी से ग्रीन कार्ड तक का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता. कई लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. इसके अलावा वीजा की स्थिति का असर नौकरी पर भी पड़ सकता है. पति या पत्नी के करियर और बच्चों की इमिग्रेशन स्थिति को लेकर भी चिंता बनी रहती है. इसलिए उन्होंने युवाओं से कहा कि अमेरिका जाने का फैसला केवल सैलरी देखकर न करें. उनका कहना है कि विदेश जाने से पहले वीजा, नौकरी की सुरक्षा, परिवार से दूरी, बच्चों का भविष्य और कई सालों तक स्थिरता का इंतजार जैसे पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए.
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
कपल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि अपने देश में रहकर परिवार के साथ काम करना बेहतर है. वहीं कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अगर किसी को अमेरिका या किसी दूसरे देश में पढ़ाई और नौकरी का अच्छा मौका मिलता है, तो उसे जरूर अपनाना चाहिए.
यानी विदेश जाना सही है या नहीं, इसका जवाब हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है. किसी के लिए विदेश जाकर पढ़ाई और करियर बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है, जबकि कोई व्यक्ति परिवार और अपने देश के बीच रहकर ज्यादा खुश रह सकता है. इस कपल की बात का मुख्य संदेश यही है कि विदेश जाने का फैसला सिर्फ बड़ी सैलरी या चमक-दमक देखकर नहीं करना चाहिए. अपनी जरूरत, करियर, परिवार, वीजा की स्थिति और भविष्य को ध्यान में रखकर ही कोई बड़ा फैसला लेना चाहिए.
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