चीन के 26 साल के युवक ने बनाया उड़ने वाला स्केटबोर्ड, पहाड़ों के ऊपर से उड़कर पार की यांग्त्जी नदी

चीन के 26 साल के युवक सोंग शिंग्यू ने अपने हाथों से उड़ने वाला बोर्ड बनाया है. उन्होंने इस बोर्ड से पहाड़ों के ऊपर उड़ान भरी और यांग्त्जी नदी पार की. स्पाइडर-मैन फिल्म के ग्रीन गोब्लिन से प्रेरित इस बोर्ड में 10 इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई हैं.

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करीब दो महीने की मेहनत के बाद उनका नया बोर्ड उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ. ( Photo: ITG) करीब दो महीने की मेहनत के बाद उनका नया बोर्ड उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:52 AM IST

चीन के एक युवक ने ऐसा कारनामा किया है, जिसे देखकर लोगों को स्पाइडर-मैन की फिल्म याद आ रही है. इस युवक ने अपने हाथों से एक ऐसा उड़ने वाला बोर्ड बनाया है, जिस पर खड़े होकर वह हवा में उड़ सकता है. उसने इस बोर्ड से पहाड़ों के ऊपर उड़ान भरी और यांग्त्जी नदी को भी पार किया. उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस युवक का नाम सोंग शिंग्यू (Song Xingyu) है. वह चीन के हुबेई प्रांत के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 26 साल है. सोशल मीडिया पर वह 'अमेजिंग आयू' (Amazing Ayu) के नाम से मशहूर हैं. वह नई-नई चीजें बनाने और हवा में उड़ने वाले उपकरणों के वीडियो शेयर करते रहते हैं. उनके सोशल मीडिया पर 30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

स्पाइडर-मैन की फिल्म से आया उड़ने वाले बोर्ड का आइडिया
सोंग शिंग्यू बचपन से ही कुछ नया बनाने में दिलचस्पी रखते थे. उन्हें स्पाइडर-मैन की फिल्म में दिखने वाला ग्रीन गोब्लिन का उड़ने वाला बोर्ड काफी पसंद था. इसी से उन्हें असल जिंदगी में ऐसा बोर्ड बनाने का आइडिया मिला. उन्होंने करीब दो महीने की मेहनत के बाद ऐसा बोर्ड तैयार किया, जिस पर खड़े होकर इंसान हवा में उड़ सकता है. अक्टूबर 2026 में उन्होंने इस बोर्ड से उड़ान भरने का वीडियो शेयर किया. इसमें वह पहाड़ों के बीच और यांग्त्जी नदी के ऊपर उड़ते दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरान रह गए. कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब तो चीनी लोग सच में उड़ने लगे हैं.

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पहले बनाया जेट इंजन वाला बोर्ड, लेकिन हो गया था खराब
सोंग ने शुरुआत में उड़ने वाले बोर्ड को बनाने के लिए पांच जेट इंजन का इस्तेमाल किया था. लेकिन जब उन्होंने सभी इंजनों को एक साथ चलाकर टेस्ट किया, तो उसमें आग लगने जैसी समस्या सामने आई. इंजनों से निकलने वाली गर्म हवा जमीन से टकराकर वापस इंजन की तरफ जा रही थी, जिससे परेशानी हो रही थी. इसके बाद उन्होंने पुराने डिजाइन को छोड़कर बिजली से चलने वाले बोर्ड पर काम शुरू किया. नए बोर्ड में 10 शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गईं. करीब दो महीने की मेहनत के बाद उनका नया बोर्ड उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ.

एआई की मदद से हवा में संभालते हैं अपना बैलेंस
इस बोर्ड को बनाना ही मुश्किल नहीं था, बल्कि हवा में इसके ऊपर खड़े रहना और संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती थी. जरा-सा झुकने पर बोर्ड का संतुलन बिगड़ सकता था. इस परेशानी को दूर करने के लिए सोंग ने दो स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली. ये फोन बोर्ड के झुकाव और उनकी स्थिति पर नजर रखने में मदद करते हैं. एआई उन्हें ईयरफोन के जरिए बताता है कि उन्हें अपना शरीर किस तरफ झुकाना है या घुटनों की स्थिति कैसे ठीक करनी है. इस तरह उन्होंने तकनीक की मदद से उड़ते समय अपना संतुलन बनाए रखने का तरीका तैयार किया.

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कई बार असफल होने के बाद मिली सफलता
सोंग को यह सफलता आसानी से नहीं मिली. उन्हें अपने प्रयोगों के दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन्होंने बार-बार बोर्ड का परीक्षण किया और उसकी कमियों को दूर करने की कोशिश की. उन्होंने पहले जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर उड़ने और फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ने का अभ्यास किया. अक्टूबर 2026 में उन्होंने चीन के हुबेई प्रांत में अपने इस बोर्ड से उड़ान भरी. उनका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा होने लगी. कुछ लोगों ने वीडियो देखकर इसे एआई से बनाया गया बताकर सवाल उठाए. इसके बाद सोंग ने पत्रकारों के सामने भी उड़ान का प्रदर्शन किया, ताकि लोग उनके बनाए बोर्ड को वास्तविक रूप में देख सकें.

लोगों को अपने सपनों पर भरोसा करने की सलाह देते हैं सोंग
सोंग की कहानी सिर्फ एक उड़ने वाला बोर्ड बनाने तक सीमित नहीं है. वह अपने प्रयोगों के जरिए लोगों को यह दिखाना चाहते हैं कि नई चीजें बनाने के लिए महंगे उपकरण ही जरूरी नहीं हैं. सीखने की इच्छा और लगातार कोशिश करने से भी नई तकनीक विकसित की जा सकती है. वह अपने काम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं और युवाओं को भी नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करते हैं. हालांकि, इस तरह के उड़ने वाले उपकरणों का इस्तेमाल काफी जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए बिना तकनीकी जानकारी, सुरक्षा उपकरणों और जरूरी अनुमति के इन्हें बनाने या उड़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

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