बेंगलुरु की सड़कों पर रैपिडो ऑटो चलाती इस महिला को देखकर शायद ही कोई अंदाजा लगा पाए कि वह कभी आईटी सेक्टर में काम करती थीं. लेकिन उनकी जिंदगी में आए एक बड़े बदलाव ने उन्हें कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का फैसला लेने पर मजबूर कर दिया.
कंटेंट क्रिएटर तन्वी की मुलाकात इस महिला से उस वक्त हुई, जब वह रैपिडो ऑटो से सफर कर रही थीं. बातचीत के दौरान तन्वी को पता चला कि ऑटो चला रही महिला पहले आईटी में काम करती थीं. इसके बाद उन्होंने इस पूरी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया.वीडियो में तन्वी ने महिला से पूछा, "आप आईटी में काम करती थीं?" इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया.
महिला ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी जिंदगी काफी बदल गई. वह नाइट शिफ्ट में काम करती थीं और साथ ही अपनी मां की जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती थीं. ऐसे में उनके लिए नौकरी और घर के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता जा रहा था.
इसके बाद उन्होंने आईटी की नौकरी छोड़ने और अपना करियर बदलने का फैसला किया. ऑटो चलाना उनके लिए कोई आसान या सामान्य विकल्प नहीं था. उन्होंने बताया कि परिवार के लोग भी शुरुआत में उनके इस फैसले के खिलाफ थे. इसके बावजूद उन्होंने अपने फैसले पर भरोसा किया और ऑटो चलाना शुरू कर दिया.
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महिला के मुताबिक, उनका यह फैसला उम्मीद से बेहतर साबित हुआ. उन्होंने तन्वी को बताया कि अब उनकी कमाई आईटी की नौकरी से ज्यादा है. इसके अलावा ऑटो चलाने से उन्हें अपने समय पर ज्यादा नियंत्रण मिलता है और वह अपनी मां के साथ भी ज्यादा वक्त बिता पाती हैं.
हालांकि, ऑटो चलाते वक्त उन्हें लोगों की सोच का भी सामना करना पड़ता है. महिला ने बताया कि कुछ यात्री उनके फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने पर हैरानी जताते हैं और सवाल करते हैं कि अंग्रेजी बोलने वाली महिला ऑटो कैसे चला सकती है.
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"लेकिन लोग क्या कहेंगे?"
उन्होंने महिला की कहानी शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने लोगों की परवाह करने के बजाय आजादी और आत्मनिर्भरता को चुना. उन्होंने अपनी जिंदगी का फैसला खुद लेने का साहस दिखाया.
तन्वी ने उन्हें एक बेटी और पुरुष-प्रधान माने जाने वाले पेशे में काम करने वाली महिला के तौर पर पेश किया. उनका कहना था कि बहादुरी हमेशा कुछ असाधारण करने का नाम नहीं है. कई बार अपने मन की बात सुनकर यह कहना भी साहस है कि "मैं यही चाहती हूं और मैं इसे चुन रही हूं."
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वीडियो को अब तक 2.53 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. कई यूजर्स ने महिला की तारीफ की और उनके फैसले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी.एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह उन्होंने कहा कि वह रात में मां को अकेला नहीं छोड़ना चाहतीं, उस पर गर्व है."
वहीं एक अन्य यूजर ने उन्हें 'रियल क्वीन' बताया.
महिला की कहानी सिर्फ करियर बदलने की कहानी नहीं है. यह उस सोच को भी चुनौती देती है जिसमें किसी पेशे को उसके काम करने वाले व्यक्ति की अंग्रेजी, शिक्षा या पुराने करियर से जोड़कर देखा जाता है. उन्होंने अपनी परिस्थितियों के हिसाब से ऐसा काम चुना, जिसमें उन्हें कमाई के साथ अपनी मां के लिए समय भी मिल सके.
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