एस्कॉर्ट्स भी AI जानती हो... लड़कियों के लिए इस तरह की डिमांड कर रहे अमीर लोग!

सिलिकॉन वैली में AI इंजीनियरों के बीच 'नर्ड एस्कॉर्ट्स' की मांग बढ़ रही है. ये हाई-एंड कंपैनियन्स सिर्फ साथ ही नहीं, बल्कि AI और टेक्नोलॉजी पर बातचीत के लिए भी जानी जाती हैं और एक घंटे के लाखों रुपये तक चार्ज करती हैं.

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ion : दुनियाभर में AI कई चीजें बदल रहा है (Photo: Ai Generated) ion : दुनियाभर में AI कई चीजें बदल रहा है (Photo: Ai Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:59 PM IST

दुनियाभर में AI कई चीजें बदल रहा है. काम करने के तरीके से लेकर नई स्किल सीखने तक, इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिख रहा है. लेकिन क्या AI लोगों के रिश्तों और साथ की जरूरत को भी बदल रहा है? सिलिकॉन वैली में AI बूम के बीच एक ऐसा ट्रेंड सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है. यहां हाई-एंड एस्कॉर्ट्स की एक छोटी-सी कैटेगरी तेजी से चर्चा में है.

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एस्कॉर्ट या कंपैनियन ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जो पैसे लेकर किसी के साथ वक्त बिताता है. इसमें बातचीत, डिनर या किसी कार्यक्रम में साथ जाना शामिल हो सकता है. कुछ मामलों में वयस्क सेवाएं और शारीरिक संबंध भी इसका हिस्सा हो सकते हैं.

इन हाई-एंड एस्कॉर्ट्स की खासियत सिर्फ उनकी खूबसूरती नहीं है. उन्हें AI, टेक्नोलॉजी, क्रिप्टोकरेंसी, स्टार्टअप और विज्ञान जैसे विषयों की भी अच्छी समझ होती है. यही वजह है कि AI इंडस्ट्री से जुड़े कई अमीर प्रोफेशनल्स इनके साथ समय बिताने के लिए एक घंटे के लाखों रुपये तक खर्च कर रहे हैं.

'नर्ड एस्कॉर्ट्स' क्यों कहा जा रहा है?

Forbes की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई कैटेगरी को 'नर्ड एस्कॉर्ट्स' कहा जा रहा है. ये महिलाएं सोशल मीडिया पर AI, बायोहैकिंग, GPU, लॉन्गेविटी और टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर पोस्ट करती हैं. इनमें से कुछ के पास प्रोग्रामिंग, फाइनेंस और साइंस की पढ़ाई या काम का अनुभव भी है.

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यानी यहां सिर्फ लुक्स की बात नहीं है. क्लाइंट ऐसी साथी चाहते हैं, जिसके साथ वे अपनी पसंद के टेक्नोलॉजी और भविष्य से जुड़े विषयों पर भी खुलकर बात कर सकें.

क्लाइंट ऐसी साथी चाहते हैं, जो AI से जुड़े अपडेट्स की भी बात करे-(Photo: Pexel)

एक घंटे की फीस लाखों में

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ हाई-एंड एस्कॉर्ट्स 3,000 से 6,000 डॉलर प्रति घंटे तक चार्ज कर रही हैं. भारतीय रुपये में यह रकम करीब 2.6 लाख से 5.2 लाख रुपये प्रति घंटा बैठती है. वहीं, कई दिनों के साथ के लिए कुछ मामलों में फीस 20,000 से 30,000 डॉलर तक पहुंच जाती है.

रिपोर्ट में शामिल कुछ महिलाओं का कहना है कि उनकी बुकिंग कई महीनों पहले तक हो चुकी है. मांग इतनी ज्यादा है कि वे अपनी फीस बढ़ाने पर भी विचार कर रही हैं.

इन एस्कॉर्ट्स के साथ सिर्फ बातचीत या समय बिताना ही नहीं होता. कुछ मामलों में शारीरिक संबंध भी शामिल होते हैं. लेकिन 'नर्ड एस्कॉर्ट्स' की खासियत यह बताई जा रही है कि वे अपने क्लाइंट्स से AI, टेक्नोलॉजी, क्रिप्टो और दूसरी चीजों पर भी घंटों बातचीत कर सकती हैं. यानी यहां खूबसूरती के साथ अच्छी समझ और बातचीत करने की क्षमता को भी महत्व दिया जाता है.

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यह भी पढ़ें: टॉपलेस लड़कियां, शराब और अय्याशी... अमीरों की White Parties में क्या-क्या होता है?

आखिर AI इंजीनियर इन्हें क्यों चुन रहे हैं?

सिलिकॉन वैली में काम करने वाले कई इंजीनियर, स्टार्टअप फाउंडर और AI प्रोफेशनल्स बेहद व्यस्त रहते हैं. उनके लिए समय बेहद कीमती है. ऐसे में कुछ लोग ऐसी साथी चाहते हैं, जिसके साथ समय बिताने के दौरान उन्हें अपनी पसंद के विषयों पर बात करने का मौका भी मिले.

रिपोर्ट में शामिल महिलाओं के मुताबिक, उनके कई क्लाइंट्स केवल शारीरिक संबंध के लिए नहीं आते. कई मुलाकातों में घंटों बातचीत, डिनर और AI या भविष्य की तकनीक पर चर्चा होती है.

AI बूम ने बदली लग्जरी की परिभाषा?

AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ती कमाई और संपत्ति ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है. Nvidia, OpenAI और दूसरी AI कंपनियों से जुड़े कई प्रोफेशनल्स ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संपत्ति बनाई है.

ऐसे में कुछ नए AI करोड़पति अपनी कमाई को सिर्फ महंगी कारों और घड़ियों पर खर्च करने के बजाय अपने सीमित खाली समय को बेहतर तरीके से बिताने पर खर्च कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके लिए अच्छा साथ, बातचीत और किसी ऐसे व्यक्ति के साथ समय बिताना महत्वपूर्ण हो गया है, जो उनकी बात और उनके काम की दुनिया को समझ सके.

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AI के दौर में इंसानी साथ की बढ़ती कीमत

AI चैटबॉट्स और वर्चुअल कंपैनियन अब लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध हैं. ऐसे दौर में असली इंसान के साथ बातचीत और व्यक्तिगत जुड़ाव की अहमियत एक अलग तरह से सामने आ रही है.

यही इस पूरे ट्रेंड का दिलचस्प पहलू है. AI जितना ज्यादा डिजिटल साथ को आसान और सस्ता बना रहा है, उतना ही कुछ लोगों के लिए असली इंसानी साथ एक महंगी लग्जरी बनता जा रहा है. सिलिकॉन वैली की 'नर्ड एस्कॉर्ट्स' की कहानी इसी बदलती दुनिया की एक झलक देती है.

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