Uttarakhand Tour in 15 Days: अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से ब्रेक लेकर पहाड़ों के बीच कुछ दिन सुकून से बिताना चाहते हैं तो उत्तराखंड घूमने का प्लान बना सकते हैं. यहां आपको ऊंचे पहाड़, हरे-भरे जंगल, खूबसूरत झीलें, बहती नदियां और पुराने मंदिर देखने को मिलेंगे. खास बात यह है कि उत्तराखंड में घूमने के लिए हर तरह की जगहें हैं. अगर आपको एडवेंचर पसंद है तो ट्रेकिंग और रिवर राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं. वहीं, शांति से छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो पहाड़ों और झीलों के किनारे वक्त गुजार सकते हैं. अगर आपके पास 15 दिन का समय है तो सही प्लानिंग के साथ गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक की कई खूबसूरत जगहें घूम सकते हैं. आइए जानते हैं कि 15 दिनों में उत्तराखंड की ट्रिप कैसे प्लान करें और किन जगहों को अपनी लिस्ट में शामिल करें.
दिन 1-2: हरिद्वार और ऋषिकेश
ट्रिप की शुरुआत हरिद्वार से कर सकते हैं. यहां हर की पौड़ी पर गंगा आरती देख सकते हैं और आसपास के मंदिरों में घूम सकते हैं. इसके बाद ऋषिकेश जाएं. यहां गंगा किनारे समय बिताने, राम झूला क्षेत्र में घूमने और कैफे में बैठने का आनंद ले सकते हैं. अगर एडवेंचर पसंद है और मौसम सही है तो रिवर राफ्टिंग भी कर सकते हैं.
दिन 3-4: मसूरी
ऋषिकेश से मसूरी पहुंचकर दो दिन यहां की खूबसूरती का आनंद लें. मसूरी में माल रोड पर घूम सकते हैं, कंपनी गार्डन जा सकते हैं और केम्पटी फॉल्स देख सकते हैं. यहां पहाड़ों के बीच बने कैफे और बाजार भी घूमने लायक हैं. अगर भीड़ से दूर रहना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी घूमने निकलें.
दिन 5: धनोल्टी और कनाताल
मसूरी से धनोल्टी और कनाताल की ओर जा सकते हैं. यहां हरे-भरे जंगल, पहाड़ और शांत माहौल देखने को मिलेगा. अगर आपको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, तो ये जगहें आपके सफर को और खास बना सकती हैं. रात में रुकने के लिए पहले से होटल या होमस्टे बुक कर लें.
दिन 6-7: चोपता और तुंगनाथ
अब चोपता की ओर बढ़ें. इसे उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ी जगहों में गिना जाता है. यहां से पहाड़ों और हरे-भरे मैदानों के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं. मौसम और अपनी फिटनेस के हिसाब से तुंगनाथ मंदिर तक ट्रेक करने का प्लान बना सकते हैं. ट्रेक पर जाने से पहले रास्ते, मौसम और स्थानीय गाइड की सलाह जरूर लें.
दिन 8-10: जोशीमठ, औली और बद्रीनाथ
चोपता से जोशीमठ की ओर निकलें. यहां से औली घूमने जा सकते हैं, जो बर्फ से ढकी चोटियों और खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है. मौसम साफ हो तो यहां से हिमालय की ऊंची चोटियां देखने का मौका मिल सकता है. अगले दिन समय और सड़क की स्थिति के हिसाब से बद्रीनाथ धाम और माणा गांव जाने का प्लान बना सकते हैं. इस हिस्से में ऊंचाई और पहाड़ी रास्तों को देखते हुए जल्दबाजी न करें.
दिन 11: यात्रा और आराम
पहाड़ों में लगातार घूमने के बाद एक दिन सफर और आराम के लिए रखें. इस दिन आप कर्णप्रयाग या रुद्रप्रयाग जैसे रास्ते में पड़ने वाले किसी शहर में रुक सकते हैं. इससे लंबी ड्राइव के बाद आराम मिलेगा और आगे की यात्रा आसान रहेगी.
दिन 12-13: नैनीताल
अब कुमाऊं क्षेत्र की ओर बढ़ें. नैनीताल पहुंचकर नैनी झील में बोटिंग कर सकते हैं, माल रोड पर घूम सकते हैं और नैना देवी मंदिर के दर्शन कर सकते हैं. यहां के बाजारों और आसपास की पहाड़ियों का आनंद भी ले सकते हैं. नैनीताल में कम से कम एक पूरा दिन घूमने के लिए रखें.
दिन 14: भीमताल और सातताल
नैनीताल के आसपास भीमताल और सातताल घूमने जा सकते हैं. यहां झीलों के आसपास हरियाली और शांत माहौल मिलता है. अगर आप भीड़भाड़ से दूर कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो इन जगहों पर आराम से घूम सकते हैं. शाम तक नैनीताल या आसपास के किसी शहर में रुक सकते हैं.
दिन 15: वापसी की तैयारी
आखिरी दिन अपनी वापसी की यात्रा शुरू करें. अगर समय हो तो रास्ते में किसी स्थानीय बाजार या पसंदीदा जगह पर थोड़ी देर रुक सकते हैं. ध्यान रखें कि पहाड़ी इलाकों में यात्रा का समय ज्यादा हो सकता है, इसलिए वापसी की ट्रेन या बस के हिसाब से पर्याप्त समय रखें.
उत्तराखंड ट्रिप पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किस मौसम में घूमना रहेगा बेहतर?
उत्तराखंड की 15 दिन की ट्रिप के लिए अप्रैल से जून की शुरुआत या सितंबर से अक्टूबर का समय चुन सकते हैं. इन महीनों में मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल और दूसरी पहाड़ी जगहों को घूमने का प्लान बनाया जा सकता है. हालांकि, बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के कपाट खुलने की तारीख जरूर जांच लें. जुलाई और अगस्त में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सफर में परेशानी हो सकती है. इसलिए निकलने से पहले मौसम और सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लें.
ध्यान दें: पूरा उत्तराखंड 15 दिन में घूमने का यह एक सुझाव है, जिसमें गढ़वाल और कुमाऊं की कई जगहों को शामिल किया गया है. जोशीमठ से नैनीताल पहुंचने में काफी समय लग सकता है, इसलिए निकलने से पहले रास्ते और सफर में लगने वाले समय की जानकारी जरूर ले लें. चारधाम, ऊंचाई वाली जगहों और ट्रेकिंग पर जाने से पहले मौसम, सड़कों की स्थिति और स्थानीय नियमों के बारे में भी पता कर लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क