Best Places to Visit in October: अक्टूबर का महीना घूमने-फिरने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. मानसून की विदाई के बाद कई जगहों पर मौसम सुहाना हो जाता है और तेज गर्मी से भी राहत मिलने लगती है. ऐसे में अगर आप भी अक्टूबर में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां इस दौरान घूमने का अलग ही मजा है.
कहीं आपको सफेद नमक का रेगिस्तान देखने को मिलेगा तो कहीं पहाड़, झरने और हरियाली आपका मन मोह लेंगे. वहीं, राजस्थान के शहरों में आपको किलों और हवेलियों के साथ रेगिस्तानी संस्कृति देखने को मिलेगी. अगर आप समुद्र किनारे छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो गोवा भी अच्छा विकल्प हो सकता है. तो आइए जानते हैं अक्टूबर में घूमने के लिए भारत की 10 खूबसूरत जगहों के बारे में.
कच्छ का रण (गुजरात)
गुजरात का कच्छ का रण अपनी सफेद नमक की जमीन के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. दूर तक फैला सफेद रेगिस्तान चांदनी रात में बेहद खूबसूरत नजर आता है. यहां घूमने के साथ आपको गुजरात की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत, डांस, स्थानीय खाना और हस्तशिल्प को करीब से देखने का मौका मिलता है.
यहां ऊंट की सवारी और आसपास के टेंट सिटी का अनुभव भी लिया जा सकता है. अक्टूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत में यहां रण उत्सव की शुरुआत भी होती है.
कैसे पहुंचें: कच्छ के रण के लिए नजदीकी एयरपोर्ट भुज एयरपोर्ट है, जो करीब 80 किलोमीटर दूर है. वहीं, भुज रेलवे स्टेशन करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर है.
आगरा (उत्तर प्रदेश)
अगर आप इतिहास और वास्तुकला में दिलचस्पी रखते हैं तो आगरा घूमने के लिए अच्छा विकल्प है. यहां दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल के अलावा आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसी ऐतिहासिक जगहें भी हैं.
अक्टूबर में मौसम अपेक्षाकृत सुहाना होने के कारण शहर की ऐतिहासिक जगहों को घूमना आसान रहता है. आप यहां ताजमहल के साथ मुगलकालीन इमारतों और पुरानी गलियों का भी अनुभव ले सकते हैं.
कैसे पहुंचें: आगरा का खेरिया एयरपोर्ट शहर के केंद्र से करीब 13 किलोमीटर दूर है. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन करीब 3.5 किलोमीटर की दूरी पर है.
जैसलमेर (राजस्थान)
अगर आपको रेगिस्तान, किले और राजस्थानी संस्कृति पसंद है तो जैसलमेर का रुख कर सकते हैं. यहां सुनहरी रेत, ऊंट की सवारी, लोक संगीत और पारंपरिक राजस्थानी खाना आपको अलग अनुभव देगा.
जैसलमेर का ऐतिहासिक किला भी यहां का प्रमुख आकर्षण है. सूर्यास्त के समय सुनहरी रेत का नजारा देखने के लिए भी यह जगह काफी पसंद की जाती है.
कैसे पहुंचें: जैसलमेर एयरपोर्ट शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर है. जैसलमेर रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर है.
पचमढ़ी (मध्य प्रदेश)
अगर आप भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों और हरियाली के बीच कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो पचमढ़ी जा सकते हैं. मध्य प्रदेश का यह हिल स्टेशन अपने झरनों, गुफाओं, मंदिरों और हरी-भरी वादियों के लिए जाना जाता है.
यहां बी फॉल्स, धूपगढ़, जटाशंकर गुफा, रजत प्रपात और अप्सरा विहार जैसी जगहें घूम सकते हैं. प्रकृति पसंद करने वालों के लिए पचमढ़ी एक खूबसूरत जगह है.
कैसे पहुंचें: भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट करीब 145 किलोमीटर दूर है. वहीं, पिपरिया रेलवे स्टेशन करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है.
गोवा
गोवा का नाम सुनते ही समुद्र, बीच और मस्ती का ख्याल आता है. अक्टूबर में मानसून के बाद यहां का मौसम धीरे-धीरे घूमने के लिए अनुकूल होने लगता है. यहां आप बीच पर समय बिताने के साथ वॉटर स्पोर्ट्स, पुराने चर्च, पुर्तगाली वास्तुकला और स्थानीय बाजारों का मजा ले सकते हैं.
गोवा में समुद्र किनारे बने शैक और नाइटलाइफ भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. अक्टूबर से यहां का फेस्टिव सीजन भी शुरू होने लगता है.
कैसे पहुंचें: डाबोलिम एयरपोर्ट पणजी से करीब 29 किलोमीटर दूर है. मडगांव रेलवे स्टेशन पणजी से करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर है.
कूर्ग (कर्नाटक)
कूर्ग को इसकी खूबसूरत हरियाली और कॉफी के बागानों के लिए जाना जाता है. यहां आपको घने जंगल, मसालों के पौधे और शांत वातावरण देखने को मिलेगा. अक्टूबर में मौसम सुहाना रहने के कारण यहां घूमने का अनुभव और भी अच्छा हो सकता है.
कॉफी प्लांटेशन घूमने के साथ आप यहां प्रकृति के बीच समय बिता सकते हैं.
कैसे पहुंचें: मैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 165 किलोमीटर दूर है. मैसूर रेलवे स्टेशन करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है.
नवलगढ़ (राजस्थान)
राजस्थान का नवलगढ़ शेखावाटी क्षेत्र में स्थित है और अपनी खूबसूरत हवेलियों के लिए जाना जाता है. यहां की पुरानी हवेलियों की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे भित्तिचित्र और पारंपरिक चित्रकारी देखने लायक हैं.
अगर आपको राजस्थान की कला, संस्कृति और पुरानी वास्तुकला पसंद है तो नवलगढ़ घूम सकते हैं. यहां की कई जगहों को फिल्मों और टीवी शूटिंग के लिए भी इस्तेमाल किया गया है.
कैसे पहुंचें: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 126 किलोमीटर दूर है. नवलगढ़ रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से करीब 1 किलोमीटर दूर है.
वारंगल (तेलंगाना)
इतिहास और प्रकृति दोनों को एक साथ एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो वारंगल का प्लान बना सकते हैं. यह शहर कभी काकतीय वंश की राजधानी हुआ करता था. यहां आपको पुराने किले, मंदिर और ऐतिहासिक इमारतें देखने को मिलेंगी.
इसके अलावा वारंगल के आसपास झीलें, गार्डन और प्राकृतिक जगहें भी हैं. यानी एक ही ट्रिप में इतिहास और प्रकृति दोनों का अनुभव लिया जा सकता है.
कैसे पहुंचें: हैदराबाद का राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 135 किलोमीटर दूर है. वारंगल रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से करीब 2 किलोमीटर दूर है.
कोणार्क (ओडिशा)
ओडिशा का कोणार्क अपने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. यह मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और बारीक नक्काशी के लिए खास पहचान रखता है.
कोणार्क में आपको ऐतिहासिक इमारतों के साथ ओडिशा की कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी. यहां हर साल शास्त्रीय नृत्य से जुड़ा आयोजन भी किया जाता है.
कैसे पहुंचें: भुवनेश्वर का बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 49 किलोमीटर दूर है. पुरी रेलवे स्टेशन करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर है.
मैसूर (कर्नाटक)
मैसूर को इसके भव्य महलों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है. यहां का मैसूर पैलेस सबसे प्रमुख आकर्षणों में शामिल है. इसके अलावा आप ब्रिंदावन गार्डन, चामुंडी हिल्स और करंजी झील जैसी जगहों पर भी घूम सकते हैं.
अगर आपको इतिहास और वास्तुकला पसंद है तो मैसूर आपके लिए दिलचस्प जगह हो सकती है. अक्टूबर में यहां का मौसम भी घूमने के लिए काफी अच्छा रहता है.
कैसे पहुंचें: कोयंबटूर एयरपोर्ट करीब 147 किलोमीटर दूर है. मैसूर रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से करीब 3 किलोमीटर दूर है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क