Musafir Cafe Mussoorie Real Location: फिल्मों और वेब सीरीज में दिखने वाली लोकेशन लोगों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती हैं. कई बार वो महज सेट होता है, लेकिन विक्रांत मैसी की लेटेस्ट सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ में नजर आने वाली लोकेशन असली हैं. दिव्य प्रकाश दुबे के फेमस उपन्यास पर आधारित इस सीरीज में एक बेहद ही शानदार कैफे दिखाया है, जिसे देखकर आपका भी मन वहां जाकर सुकून के पल बिताने का कर रहा होगा, सबसे अच्छी बात यह है कि आप उस जगह पर जा सकते हैं और उत्तराखंड में स्थित है.
विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना स्टारर इस सीरीज में उत्तराखंड की खूबसूरती को बेहद शानदार तरीके से दिखाया गया है. सीरीज के कई सीन देखकर आपको भी शहर की भागदौड़ से दूर पहाड़ों के बीच कुछ दिन बिताने का मन हो सकता है. खास बात यह है कि सीरीज में नजर आने वाली जगह सिर्फ पर्दे की कहानी नहीं है, बल्कि आप असल में वहां घूमने का प्लान बना सकते हैं.
असली है ‘मुसाफिर कैफे’ की लोकेशन
सीरीज में नजर आने वाला खूबसूरत कैफे किसी फिल्मी सेट पर तैयार की गई जगह नहीं है.सीरीज में मुसाफिर कैफे दिखाया गया है, जो असल जिंदगी में मूसरी में स्थित बेहद पॉपुलर स्पॉट है. अगर आप भी सीरीज देखने के बाद इस जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो आप मसूरी के झरीपानी कैसल पहुंच जाएं, जो मुसाफिर कैफे की रियल लोकेशन है.
पहाड़ी पर बनी यह पुरानी हेरिटेज प्रॉपर्टी अपनी खूबसूरत वास्तुकला और शानदार वैली व्यू के लिए जानी जाती है. आसपास की हरियाली और पहाड़ों का नजारा इस जगह को और भी खास बनाता है. यही वजह है कि सीरीज में दिखाई गई इसकी खूबसूरती लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने में कामयाब रही.
झरीपानी कैसल का इतिहास भी है खास
झरीपानी कैसल सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि इसका इतिहास भी काफी दिलचस्प है. ब्रिटिश काल में बनी इस पुरानी इमारत की बनावट आज भी लोगों को अपनी ओर अट्रैक्ट करती है. इमारत का पुराना लुक, बड़े कमरे, लकड़ी का काम और आसपास का पहाड़ी माहौल इसे आम होटल या स्टे से काफी अलग बनाता है.
आज यह जगह एक खूबसूरत बुटीक स्टे के तौर पर लोगों की पहली पसंद बन गई है. ऐसे में यहां जाने पर आपको घूमने के साथ-साथ पुराने दौर की झलक भी देखने को मिल सकती है.
धुंध से ढके पहाड़ और चारों तरफ हरियाली
‘मुसाफिर कैफे’ में पहाड़ों का जो सुकून नजर आता है, वह इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है. कभी धुंध से ढके पहाड़ दिखाई देते हैं, तो कभी हरियाली के बीच दूर तक फैली घाटियां नजर आती हैं.
मसूरी की यही शांत फील सीरीज के हर सीन को और खूबसूरत बना देती है. यहां का मौसम और पहाड़ी वातावरण उन लोगों को खास तौर पर पसंद आ सकता है, जो कुछ दिनों के लिए शहर के शोर से दूर जाना चाहते हैं. तो यह जगह आपके के लिए एकदम परफेक्ट है.
घूमने वालों के लिए क्यों खास है झरिपानी?
अगर आपको ऐसी जगहें पसंद हैं जहां बहुत ज्यादा भीड़ न हो और आराम से प्रकृति के बीच समय बिताया जा सके, तो झरीपानी आपके लिए अच्छी जगह हो सकती है. यहां पुरानी इमारत की खूबसूरती के साथ आपको पहाड़, हरियाली और खुला आसमान देखने को मिलता है. फोटो खींचने के शौकीन लोगों के लिए भी यह जगह काफी अच्छी हो सकती है.
वीकेंड पर अगर आप इस खूबसूरत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यहां पर आपको बहुत ही शानदार और लग्जरी रूम भी मिल जाएंगे. आइए आपको बताते हैं कि वीकेंड पर यहां घूमने का खर्च लगभग इतना हो सकता है. यहां पर लॉग हट से लेकर सैंटोरिनी सुइट तक मिलते हैं, लेकिन सबका किराया अलग है.
वीकेंड पर ठहरने का कितना खर्च आता है?
हालांकि यह सिर्फ रूम का किराया है और इसमें खाना, घूमना-फिरना और अन्य खर्च शामिल नहीं हैं.
मसूरी के साथ लैंडौर भी घूम सकते हैं
अगर आप झरीपानी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी ट्रिप को सिर्फ एक जगह तक सीमित न रखें. मसूरी के साथ लैंडौर और आसपास के दूसरे खूबसूरत इलाकों को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क