Elon Musk के स्टारलिंक लाइसेंस के मामले पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार की पॉलिसी को लेकर जवाब दिया है. राहुल गांधी और मस्क के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई बयानबाजी के बाद सिंधिया ने बताया है कि सरकार तीन कंपनियों को लाइसेंस जारी कर चुकी है.
सिंधिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी की बात करें तो मुझे नहीं लगता है कि उन्हें खुद ही पता है कि वे दाएं जा रहे हैं या बाएं जा रहे हैं.
सिंधिया ने आगे बताया कि कांग्रेस को शुरुआत में इस बात से समस्या थी कि एक खास शख्स को लाइसेंस क्यों नहीं दिया है और अब इस बात से समस्या है कि उस आदमी को लाइसेंस क्यों नहीं दिया है. इस मुद्दे पर वे उसी शख्स के साथ आ गए हैं.
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सरकार की नीति पर क्या बोले सिंधिया?
केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि सैटकॉम लाइसेंस को लेकर सरकार का रुख साफ है. अभी तीन कंपनियों को लाइसेंस दिया जा चुका है.
सभी अप्रूवल के बाद शुरू कर पाएंगे ऑपरेशन
सिंधिया ने आगे बताया है कि जब सरकार रेवेन्यू के आधार पर चार्ज तय करेगी तब संबंधित कंपनियों को स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाएगा. सिक्योरिटी अप्रूवल पूरे होने के बाद वे भारत में अपना ऑपरेशन शुरू कर सकेंगे.
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एलॉन मस्क ने खड़े किए थे सवाल
दरअसल, बुधवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट सर्कुलेट हो रहा था, जिसमें एलॉन मस्क ने आरोप लगाए थे कि भारत में कुछ प्रभावशाली बिजनेस ग्रुप अपनी मोनोपॉली रखने के लिए मस्क की कंपनी स्टारलिंक को रोका जा रहा है.
मस्क के आरोपों का जवाब हुए टेलीकॉम मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी शेयर की थी कि भारत देश में एक समान पॉलिसी है, जिसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क