Cape Verde World Cup 2026: नोएडा से कम आबादी, कहानी उस छोटे से देश की... जिसने FIFA वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना की हालत टाइट कर दी!

Cape Verde: फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली बार उतरे केप वर्डे ने मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम तक कड़ी टक्कर देकर सबको चौंका दिया. सिर्फ करीब 5 लाख आबादी वाले इस अफ्रीकी द्वीपीय देश ने 3-2 से हार जरूर झेली, लेकिन गोलकीपर वोजिन्हा और टीम के जज्बे ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

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वोजिन्हा केप वर्डे के 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर ल‍ियोनेल मेसी के साथ (Photo: Reuters) वोजिन्हा केप वर्डे के 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर ल‍ियोनेल मेसी के साथ (Photo: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 04 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST

Cape Verde in FIFA Football World Cup 2026: फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में जगह बना ली. स्कोरलाइन भले अर्जेंटीना के पक्ष में रही, लेकिन ल‍ियोनेल मेसी की टीम के लिए यह मैच जीतना कठिन रहा, उसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी. दुनिया के सबसे छोटे देशों में शामिल केप वर्डे ने एक्स्ट्रा टाइम तक लियोनेल मेसी की टीम को कड़ी चुनौती दी और मुकाबले को आखिरी पलों तक रोमांचक बनाए रखा.

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केप वर्डे (आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ काबो वर्डे) पश्चिमी अफ्रीका के तट से 600 से 850 किलोमीटर दूर मध्य अटलांटिक महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है. यह 10 ज्वालामुखीय द्वीपों का समूह है, जिसका कुल क्षेत्रफल करीब 4,033 वर्ग किलोमीटर है.

सबसे दिलचस्प बात इसकी आबादी है. 2026 के अनुमान के मुताबिक केप वर्डे की आबादी करीब 5.3 लाख (5,30,000) है. तुलना करें तो अकेले नोएडा की आबादी 10 से 13.5 लाख के बीच मानी जाती है, यानी नोएडा में केप वर्डे से लगभग दोगुने लोग रहते हैं. वैसे 2011 की भारत की जनगणना के अनुसार, नोएडा की जनसंख्या लगभग 6.4 लाख (637,272) थी. कुल म‍िलाकर केप वर्दे की आबादी नोएडा से तो कम है ही. 

केप वर्डे को 1975 में आजादी मिली थी. प्राकृतिक संसाधनों की कमी के बावजूद यह अफ्रीका के सबसे स्थिर लोकतांत्रिक देशों में गिना जाता है. इसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन, सेवाओं और विदेशी निवेश पर आधारित है.

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पहली बार वर्ल्ड कप खेला और इतिहास रच दिया
केप वर्डे ने इस वर्ल्ड कप में पहली बार हिस्सा लिया, लेकिन अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को चौंका दिया. टीम ने ग्रुप स्टेज में स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमों के खिलाफ ड्रॉ खेलकर नॉकआउट में जगह बनाई. इसी के साथ वह वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे कम आबादी वाला देश भी बन गया.

मेसी ने बनाया रिकॉर्ड, लेकिन केप वर्डे ने नहीं मानी हार
मियामी गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई. यह उनके वर्ल्ड कप करियर का रिकॉर्ड 20वां गोल था.

हालांकि केप वर्डे ने हार नहीं मानी. सिडनी लोप्स काब्राल ने बराबरी का गोल दागकर अर्जेंटीना को चौंका दिया. एक्स्ट्रा टाइम में लिसांद्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को 2-1 से आगे किया, लेकिन डेरॉय डुआर्टे ने एक बार फिर स्कोर 2-2 कर दिया.

आखिरकार 111वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो के हेडर पर केप वर्डे के डिनेय बोर्गेस से हुआ आत्मघाती गोल अर्जेंटीना की जीत का कारण बना. इसी गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने 3-2 से मुकाबला अपने नाम किया.

40 साल के गोलकीपर ने मेसी को खूब रोका
केप वर्डे के 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे. उन्होंने पूरे मैच में 10 शानदार बचाव किए, जिनमें अकेले मेसी के खिलाफ पांच बेहतरीन सेव शामिल थीं. उनकी शानदार गोलकीपिंग की वजह से अर्जेंटीना को जीत के लिए एक्स्ट्रा टाइम तक संघर्ष करना पड़ा.

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फुटबॉल वर्ल्ड कप में क्या है केप वर्डे की कहानी 
केप वर्डे ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार हिस्सा लिया और अपने पहले ही टूर्नामेंट में इतिहास रच दिया. टीम ने 13 अक्टूबर 2025 को एस्वातिनी को 3-0 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था. इस वर्ल्ड कप में केप वर्डे को स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब के साथ ग्रुप H में रखा गया. अपने पहले ही मैच में उसने ताकतवर स्पेन को 0-0 से रोककर बड़ा उलटफेर किया. इसके बाद उरुग्वे के खिलाफ 2-2 और सऊदी अरब के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर टीम ने ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया.

इसी प्रदर्शन के दम पर केप वर्डे फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में पहुंचने वाला इतिहास का सबसे कम आबादी वाला देश बन गया. इसके बाद राउंड ऑफ-16 में उसने मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना को भी एक्स्ट्रा टाइम तक कड़ी टक्कर दी, हालांकि आखिर में उसे 3-2 से हार का सामना करना पड़ा. भारतीय द‍िग्गज रव‍िचंद्रन अश्व‍िन ने भी केप वर्दे के जज्बे की तारीफ की. 

गोल्डन बूट की रेस में भी आगे निकले मेसी
इस गोल के साथ मेसी ने मौजूदा वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या सात कर ली. वह गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांस के स्टार किलियन एमबाप्पे से एक गोल आगे निकल गए. साथ ही मेसी लगातार आठवें वर्ल्ड कप मैच में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए. इस रिकॉर्डतोड़ सिलसिले में उनके नाम अब 12 गोल हो चुके हैं.

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अब अर्जेंटीना का सामना राउंड ऑफ-16 में मिस्र से होगा, जिसने पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर अगले दौर में जगह बनाई.

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