कैंसर को मात देकर टेस्ट में वापसी, फिर 33 गेंदों तक संघर्ष... ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

निक मैडिनसन की कहानी केवल टेस्ट टीम में वापसी तक सीमित नहीं है. गंभीर बीमारी के इलाज के बाद घरेलू क्रिकेट में लौटना और फिर ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना उनके लिए लंबी यात्रा का नतीजा है. अब उनकी नजरें इस मौके का पूरा फायदा उठाने पर हैं.

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निक मैडिनसन का खाता नहीं खुला, मार्को जानसेन ने किया चलता. (Photo: AFP) निक मैडिनसन का खाता नहीं खुला, मार्को जानसेन ने किया चलता. (Photo: AFP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • डरबन,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर निक मैडिनसन ने जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाइयों में से एक जीतकर मैदान पर शानदार वापसी की है. कैंसर के इलाज के कारण क्रिकेट से दूर रहे मैडिनसन को शुक्रवार (9 अक्टूबर) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ डरबन टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया. मैडिनसन लगभग दस साल बाद (3580 दिन) ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे.

हालांकि निक मैडिनसन वापसी पर कुछ खास नहीं कर पाए. 34 साल के मैडिनसन ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 33 गेंदों का सामना किया, लेकिन उनका खाता तक नहीं खुला. उन्हें साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज मार्को जानसेन ने एक बेहतरीन गेंद पर बोल्ड किया. पहली बार ऐसा हुआ, जब ऑस्ट्रेलिया के किसी सलामी बल्लेबाज ने टेस्ट पारी में इतनी गेंदें खेलीं और उसे बिना खाता खोले पवेलियन लौटना पड़ा.

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शून्य पर आउट होने के लिए सर्वाधिक गेंदें (टेस्ट ओपनर)
39- डैरिन मरे (न्यूजीलैंड) बनाम श्रीलंका, डुनेडिन, 1995
36- ट्रेवर ग्रिपर (जिम्बाब्वे) बनाम वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 2000
33- निक मैडिनसन (ऑस्ट्रेलिया) बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2026
30- मार्क डेकर (जिम्बाब्वे) बनाम श्रीलंका, बुलावायो, 1994
29- ब्रायन लकहर्स्ट (इंग्लैंड) बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 1971

निक मैडिनसन को पिछले साल ऐसी बीमारी का पता चलता, जिसने उके करियर के साथ-साथ जिंदगी को भी बड़ी चुनौती के सामने खड़ा कर दिया था. अप्रैल 2025 में मैडिनसन को पता चला कि उन्हें टेस्टिकुलर कैंसर है. बीमारी फेफड़ों और लिम्फ नोड्स तक फैल गई थी. इसके बाद उन्हें क्रिकेट से ब्रेक लेकर इलाज कराना पड़ा. उन्होंने जुलाई 2025 में कीमोथेरेपी पूरी की और डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ किया. अंतिम उपचार के करीब आठ सप्ताह बाद चिकित्सकीय मंजूरी मिलने पर उन्होंने दोबारा क्रिकेट शुरू करने की तैयारी की.

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सितंबर 2025 में निक मैडिनसन मैदान पर लौटे. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के 2025-26 घरेलू सीजन के शुरुआती मुकाबलों में वह नहीं खेल सके. इसके बाद उन्होंने बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी थंडर की ओर से पांच मैच खेले. धीरे-धीरे उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी जगह बनानी शुरू की.

निक मैडिनसन की वापसी में घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन की अहम भूमिका रही. हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की घरेलू वनडे प्रतियोगिता में न्यू साउथ वेल्स की ओर से विक्टोरिया के खिलाफ 126 रनों की पारी खेली. उन्हें 2026-27 शेफील्ड शील्ड सीजन के लिए न्यू साउथ वेल्स का कप्तान भी बनाया गया.

ग्रीन-इंग्लिस की इंजरी के बाद चमकी किस्मत
निक मैडिनसन ने 2016 में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था. शुरुआती तीन टेस्ट साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के बाद खराब प्रदर्शन के कारण वह टीम से बाहर हो गए. इस बार भी उनका साउथ अफ्रीका दौरे के लिए प्लेइंग इलेवन में चुना जाना तय नहीं था. उन्हें चोटिल कैमरन ग्रीन के विकल्प के तौर पर टीम में बुलाया गया था. फिर जोश इंग्लिस की उंगली में चोट लगने के कारण पहले टेस्ट से बाहर होने पर मैडिनसन को प्लेइंग-11 में जगह मिली.

डरबन टेस्ट में निक मैडिनसन और ट्रेविस हेड ऑस्ट्रेलिया के लिए ओपनिंग करने उतरे, जबकि कैमरन ग्रीन की जगह मैथ्यू रेनशॉ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए चुना गया. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. मैडिनसन को ऑलराउंडर कूपर कोनोली से पहले मौका दिया गया.

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कंगारू टीम के कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि निक मैडिनसन अपने खेल को लेकर सहज हैं. दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने एनरिक नॉर्किया को टीम में शामिल किया, जो करीब चार साल बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हैं. हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे कगिसो रबाडा को इस मुकाबले के लिए आराम दिया गया है.

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