अमेरिकी क्रिकेट में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 खिताब जीत क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए अपनी तैयारियों को नई दिशा दी है. नामीबिया को चार विकेट से हराकर अमेरिकी टीम 47 अंकों तक पहुंच चुकी है और शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति पक्की कर ली. अब टीम की नजरें वर्ल्ड कप क्वालिफायर के जरिए क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने पर है. इस सफर में भारतवंशी क्रिकेटर मिलिंद कुमार का प्रदर्शन अमेरिका के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरा है.
दिल्ली में जन्मे मिलिंद कुमार ने लीग-2 में अपनी निरंतरता से यूएसए की टीम को मजबूती दी है. 35 साल के मिलिंद अब तक 31 ओडीआई मैचों की 29 पारियों में 1348 रन बना चुके हैं. उनका औसत 67.40 और स्ट्राइक रेट 100.82 रहा है. इस दौरान उन्होंने 109 चौके और 38 छक्के लगाए हैं. इन आंकड़ों के पीछे उनकी बल्लेबाजी का वह अंदाज है, जिसमें वह परिस्थितियों को समझकर जोखिम लेते हैं और जरूरत पड़ने पर पारी को तेजी से आगे बढ़ाते हैं. मिलिंद वनडे इंटरनेशनल में 33 विकेट भी झटक चुके हैं. खास बात यह है कि मिलिंद के ये ओडीआई आंकड़े क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के ही हैं. मिलिंद ने यूएसए के लिए 25 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 416 रन बनाने के अलावा 12 विकेट हासिल किए.
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लीग-2 से अमेरिका के साथ स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने भी क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2027 के लिए जगह बना ली है. स्कॉटलैंड के 45 और नीदरलैंड्स के 38 अंक हैं. इस प्रतियोगिता में विभिन्न देशों में आयोजित सीरीज के जरिए टीमों ने अगले चरण में पहुंचने की कोशिश की. अमेरिका के लिए लीग-2 का खिताब जीतना इसलिए भी अहम है, क्योंकि अब टीम क्वालिफायर में बेहतर आत्मविश्वास के साथ उतरेगी. हालांकि, क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में जगह बनाने के लिए उसे अगले चरण में भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा.
मिलिंद बने USA के सबसे भरोसेमंद बैटर
अमेरिकी टीम के मिडिल ऑर्डर में मिलिंद कुमार की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है. उनकी ताकत केवल बड़े शॉट लगाने में नहीं, बल्कि पारी को संभालने और गेंदबाजों की रणनीति के अनुसार खेलने में है. वह फील्ड में खाली जगह तलाशते हैं, स्ट्राइक बदलते रहते हैं और खराब गेंद मिलने पर बाउंड्री लगाने से भी नहीं चूकते. हाल में सफल रनचेज के दौरान लगातार दो नाबाद शतक लगाकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की. उनकी मौजूदगी से अमेरिका को उन परिस्थितियों में फायदा मिलता है, जहां मध्य ओवरों में विकेट बचाए रखना और रन गति बनाए रखना जरूरी होता है.
मिलिंद कुमार ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के लिए काफी वनडे क्रिकेट खेला है. दिल्ली में उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ ऐसी पिचों पर भी बल्लेबाजी करनी पड़ी, जहां रन बनाना आसान नहीं था. टर्न लेने वाली विकेटों और अच्छी तेज गेंदबाजी के सामने उन्होंने शॉट चयन में सावधानी बरतना सीखा. मिलिंद के मुताबिक, वही अनुभव अब अमेरिका की ओर से खेलते हुए काम आ रहा है. उनका मानना है कि वनडे क्रिकेट में मैच की स्थिति को जल्दी समझना और परिस्थितियों के अनुसार योजना बनाना बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा, 'रन बनाने की भूख जीतने की भूख से आती है. अगले साल वर्ल्ड कप खेलने की इच्छा भी मुझे प्रेरित करती है.' मिलिंद कुमार ने अपनी रणनीति समझाते हुए बताया कि वह कुछ गेंदें खेलने के बाद अंदाजा लगा लेते हैं कि किसी खास पिच पर कौन से शॉट कारगर रहेंगे. मैदान के एक छोर पर बाउंड्री छोटी होने पर वहां आक्रामक खेलने की योजना बनाई जा सकती है, जबकि दूसरे छोर से लगातार रन लेकर स्कोर आगे बढ़ाया जा सकता है. उनके लिए सही समय पर सही फैसला लेना बल्लेबाजी का अहम हिस्सा है.
कोहली की कप्तानी में खेल चुके मिलिंद
अमेरिका के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले मिलिंद कुमार का आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) से भी जुड़ाव रहा है. वह 2018 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का हिस्सा थे और उस दौरान विराट कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं. मिलिंद ने उस सीजन का एक मजेदार किस्सा साझा किया था. उन्होंने बताया कि आरसीबी में उन्हें सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर चुना गया था और इस मामले में वह कोहली से आगे रहे. मिलिंद के मुताबिक, इस बात पर कोहली ने उन्हें ऐसी मुस्कान दी, मानो अगले दिन मैदान पर इसका जवाब देने वाले हों. मिलिंद ने लगभग 7 साल तक घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान वो कोहली की कप्तानी में भी दिल्ली के लिए खेले.
अब अगर अमेरिका क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालिफाई करता है और भारतीय टीम के ग्रुप में एंट्री करता है, तो मिलिंद कुमार और विराट कोहली एक बार फिर एक ही मैदान पर नजर आ सकते हैं. फिलहाल यह संभावना क्वालिफिकेशन पर निर्भर है, लेकिन मिलिंद के लिए अपने प्रदर्शन से पहचान बनाने का मौका जरूर है.
लीग-2 का खिताब जीतने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने अगली चुनौती 10 टीमों के वर्ल्ड कप क्वालिफायर की होगी. इस प्रतियोगिता से चार टीमें 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाएंगी. क्वालिफायर जीतने वाली टीम सीधे दूसरे दौर यानी ग्रुप स्टेज में पहुंचेगी, जबकि अन्य तीन क्वालिफाई करने वाली टीमों को टूर्नामेंट के पहले दौर की सुपर सीरीज में खेलना होगा.
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक आयोजित होगा. टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 57 मैच 12 मैदानों पर खेले जाएंगे. अफ्रीका में 2003 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जबकि नामीबिया पहली बार इस टूर्नामेंट के मुकाबलों की मेजबानी करेगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क