दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम महिला एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों की भिड़ंत के लिए तैयार है. यह मुकाबला शनिवार (5 सितंबर) को रात 8 बजे होगा.
महिला एशिया कप में भारत का सेमीफाइनल टिकट पहले ही पक्का हो चुका है, लेकिन शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला टीम इंडिया के लिए अहम रहेगा.
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर की टीम को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. देखा जाए तो ओवरऑल टी20 मैचों के आंकड़ों में भारी है.
भारत और पाकिस्तान के मुकाबले का रोमांच मैदान से बाहर भी काफी रहता है, लेकिन पिछले कुछ समय से मल्टी-टीम टूर्नामेंट्स में होने वाले इन मुकाबलों में मैदान पर वह करीबी टक्कर देखने को कम मिली है, जिसकी उम्मीद की जाती है. इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही हैं और कागज पर भारत पाकिस्तान से काफी मजबूत नजर आ रहा है.
हालांकि, भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक और लीग मैच नहीं है. टीम को सबसे छोटे फॉर्मेट (T20) में अभी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है. पिछले कुछ वर्ल्ड कप में भारत समय से पहले टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम की बादशाहत को चुनौती देने के लिए भारत को खास तौर पर पावर-हिटर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों का मजबूत पूल तैयार करना होगा.
एशिया में भारत के करीब भी नहीं कोई टीम
एशियाई क्रिकेट की बात करें तो भारत का दबदबा साफ नजर आता है. इस स्तर पर फिलहाल कोई टीम भारतीय टीम के करीब नहीं दिखती. हालांकि, पिछले एशिया कप में भारत को श्रीलंका के हाथों फाइनल में हारकर उपविजेता बनना पड़ा था.
वहीं पाकिस्तान की स्थिति फिलहाल भारत से बिल्कुल अलग है. उसने टूर्नामेंट में थाईलैंड के खिलाफ अपना शुरुआती मुकाबला जीता है और टीम अभी सेमीफाइनल की रेस में बनी हुई है. ऐसे में भारत के खिलाफ मुकाबला उसके लिए अगले दौर में पहुंचने की दिशा में बेहद अहम हो सकता है.
मंधाना-शेफाली ने बढ़ाई पाकिस्तान की टेंशन
भारत की सबसे बड़ी ताकत इस समय उसकी सलामी जोड़ी है. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा दोनों ही शानदार लय में नजर आ रही हैं. खास तौर पर मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाते हुए यादगार शतक लगाया था. उनकी इस पारी ने टूर्नामेंट में मौजूद बाकी टीमों को भी साफ संकेत दे दिया कि भारतीय ओपनर किस फॉर्म में हैं.
दुबई की पिचों पर बल्लेबाजी हालांकि इतनी आसान नहीं रही है. बल्लेबाजों को शुरुआत में परिस्थितियों को समझने में समय लग रहा है. आमतौर पर करीब 10 गेंद खेलने के बाद बल्लेबाज सतह की गति और उछाल को समझ पाते हैं और फिर उसी हिसाब से अपनी पारी को आगे बढ़ाते हैं.
हांगकांग के खिलाफ मंधाना और शेफाली ने भी यही तरीका अपनाया था. शुरुआत में पिच को समझने के बाद दोनों ने अपने शॉट्स खेले और भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया.
रावल पर बढ़ रहा दबाव, ऋचा-हरमनप्रीत से भी बड़ी पारी की उम्मीद
भारत के लिए एक चिंता नंबर तीन की बल्लेबाजी भी है. प्रतीका रावल को T20 फॉर्मेट में लगातार संघर्ष करना पड़ा है. वनडे क्रिकेट में उन्होंने काफी सफलता हासिल की है, लेकिन सबसे छोटे फॉर्मेट की जरूरतों के मुताबिक उनका प्रदर्शन अभी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. ऐसे में उन पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर भी अब तक मिले मौकों को बड़ी पारी में बदलने में कामयाब नहीं रही हैं. दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत तो की है, लेकिन क्रीज पर ज्यादा देर टिक नहीं सकी हैं. पाकिस्तान के खिलाफ टीम मैनेजमेंट को उम्मीद होगी कि ये खिलाड़ी बीच के ओवरों में ज्यादा समय बिताएं और अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलें.
गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा ने बढ़ाया भरोसा
भारतीय तेज गेंदबाजी में नंदनी शर्मा का जुड़ना टीम के लिए पॉजिटिव मैसेज है. वह अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करती नजर आ रही हैं और अनुभवी तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के साथ नई गेंद संभाल रही हैं. भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को चुनौती देने के लिए तेज गेंदबाजी में ज्यादा विकल्प तैयार करने की जरूरत है. ऐसे में नंदनी का अच्छा प्रदर्शन टीम के लिए आगे के टूर्नामेंट्स को देखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है.
पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी बनी बल्लेबाजी
पाकिस्तान की टीम के सामने भारत के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती उसकी बल्लेबाजी है. पिछले कई सालों से टीम का बल्लेबाजी विभाग उसे निराश करता आया है. भारत जैसी मजबूत टीम के सामने इस कमजोरी की कीमत काफी भारी पड़ सकती है. थाईलैंड के खिलाफ पिछले मुकाबले में भी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. पावरप्ले में ही उसके तीन विकेट गिर गए थे. इसके बावजूद पाकिस्तान ने सिर्फ 119 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया.
हालांकि, भारत के खिलाफ इतनी छोटी पारी का बचाव करना कहीं ज्यादा मुश्किल होगा. पाकिस्तान की टीम फिलहाल अपनी ओपनर मुनिबा अली और कप्तान एवं गेंदबाजी ऑलराउंडर फातिमा सना पर काफी निर्भर है.
अगर पाकिस्तान को भारत को चुनौती देनी है तो बाकी बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी उठानी होगी. सिर्फ मुनिबा और फातिमा पर निर्भर रहकर भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबला करना मुश्किल होगा.
भारत vs पाकिस्तान महिला क्रिकेट में हेड टू हेड
कुल मैच 17
भारत जीता 14
पाकिस्तान जीता 3
यहां गौर करने वाली बात यह है कि दोनों देशों के बीच, पिछले 5 मुकाबलों में से 4 भारतीय टीम ने जीते हैं. एक मुकाबले में भारतीय टीम को हार मिली है.
दोनों टीमों के स्क्वॉड
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदिनी शर्मा, क्रांति गौड़, प्रतीका रावल.
पाकिस्तान: फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, ईमान नसीर, एमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनिबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा संधू, सादिया इकबाल, साइरा जाबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, वहीदा अख्तर.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क