भारत और जापान के बीच सानो में 23 सितंबर को खेला गया 5 ओवर का मुकाबला भले ही टीम इंडिया ने 2 रन से जीत लिया, लेकिन जापान ने इस मैच में ऐसा नजारा पेश किया जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी.
जापान की इस लड़ाई से देश के पूर्व विदेश मंत्री और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता तारो कोनो भी काफी प्रभावित हुए.
तारो कोनो ने कहा कि उन्हें पहले लगा था कि भारतीय टीम जापान को आसानी से हरा देगी. लेकिन जापान ने मुकाबले को बेहद करीब ला दिया. उन्होंने कहा- मुझे लगा था कि भारतीय टीम हमें मार देगी, लेकिन ये लगभग हो ही गया था. उन्होंने जापान की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि क्रिकेट को देश में और लोकप्रिय बनाने की जरूरत है.
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि क्रिकेट के ओलंपिक खेलों में शामिल होने से जापान की टीम को भविष्य के लिए उम्मीद मिलेगी. यह मुकाबला भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर खेला गया था.
ऐसा रहा भारत जापान का मुकाबला
बारिश के कारण मैच को 5-5 ओवर का कर दिया गया था. जापान के गेंदबाजों ने सानो की धीमी पिच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 32/4 रन पर रोक दिया. कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए. जापान के चार्ली हारा-हिन्जे ने 2 विकेट लेकर भारत को झटके दिए, जबकि इब्राहिम ताकाहाशी को एक विकेट मिला.भारत की शुरुआत भी खराब रही. अभिषेक शर्मा खाता खोले बिना आउट हुए, जबकि संजू सैमसन और ईशान किशन भी सस्ते में पवेलियन लौट गए.
जापान के सामने था सिर्फ 33 रन का लक्ष्य
33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने 7 रन पर ही 2 विकेट गंवा दिए. इसके बाद केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग और बेंजामिन इटो-डेविस ने पारी को संभाला. वॉशिंगटन सुंदर ने चौथे ओवर में काडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रन पर आउट कर भारत की वापसी कराई.
अब जापान को आखिरी 6 गेंदों में 8 रन चाहिए थे. लेकिन अक्षर पटेल ने दबाव में शानदार आखिरी ओवर किया और जापान को 30/3 रन तक ही रोक दिया. भारत ने मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया. भारत की ओर से वॉशिंगटन सुंदर सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 2 विकेट लिए.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क