गॉल टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया 178 रन की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में पहुंच गई है. लेकिन भारतीय टीम के पास श्रीलंका को 200 से भी कम में ऑल आउट कर फॉलोऑन देने का बेहतरीन मौका था.
लेकिन मैदान पर हुई एक चूक ने भारतीय टीम का पूरा गणित बिगाड़ दिया. अगर केएल राहुल ने वह एक मौका न गंवाया होता तो मेजबान श्रीलंका की पहली पारी 200 के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही सिमट जाती.
दरअसल, श्रीलंका की पारी के 36वें ओवर के दौरान केएल राहुल से एक बड़ी गलती हो गई. भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने बेहतरीन फ्लाइटेड गेंद पर निरोशन डिकवेला को चकमा दिया. गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर तेजी से स्लिप में खड़े केएल राहुल की तरफ गई. राहुल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश जरूर की, लेकिन गेंद की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह हाथों से छिटक गई.
केएल राहुल ने छोड़ा आसान सा कैच
उस समय डिकवेला महज 20 रन बनाकर खेल रहे थे. यह कैच क्या छूटा मानो श्रीलंका को वापसी करने का मौका मिल गया. एक वक्त सिर्फ 90 रन पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही श्रीलंकाई टीम पूरी तरह बैकफुट पर थी. उदारा (27), चांदीमल (4), कामिंदु मेंडिस (14) और कप्तान धनंजय डिसिल्वा (21) जैसे धुरंधर पवेलियन लौट चुके थे.
डिकवेला ने जड़ दिए 80 रन
लेकिन राहुल के छोड़े कैच के बाद डिकवेला ने सोनल दिनुषा के साथ मिलकर मोर्चा संभाल लिया. दोनों ने मिलकर छठे विकेट के लिए 146 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की. जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए डिकवेला ने 115 गेंदों में 80 रन ठोक डाले. सोनल दिनुषा ने साढ़े चार घंटे तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर 100 रनों की शानदार पारी खेली.
श्रीलंका ने बनाए 284 रन
इन दोनों की बदौलत श्रीलंका ने 284 रन बनाए और फॉलोऑन के लिए जरूरी 263 रनों का आंकड़ा पार करते हुए खुद को बड़ी शर्मिंदगी से बचा लिया. भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो मानव सुथार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके. जबकि रवींद्र जडेजा को 3 सफलताएं मिलीं. प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने 1-1 विकेट लिया.
तीसरे दिन की पहली पारी खत्म होते ही बारिश शुरू हो गई और अंपायरों ने समय से पहले स्टंप्स की घोषणा कर दी. अब भारत चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में 178 रनों की बढ़त के साथ मैदान पर उतरेगा. भले ही बढ़त भारत के पास है, लेकिन डिकवेला का वह कैच भारतीय टीम पर भारी पड़ सकती है.
भारतीय फील्डिंग कोच सुभदीप घोष के लिए बड़ी चुनौती
भारतीय फील्डिंग कोच सुभदीप घोष के लिए टीम के साथ यह पहला दौरा है. ऐसे में टीम इंडिया की फील्डिंग के स्तर में सुधार लाने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी. कई बार इन छोटी गलतियों के कारण मैच का नतीजा बिल्कुल विपरित हो जाती है. ऐसे में टीम इंडिया इन गलतियों से सबक लेते हुए फील्डिंग के स्तर में सुधार करना चाहेगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क