भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई रोमांचक टी20 सीरीज को 3-2 से अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कुछ जरूरी बातों का जिक्र किया है. सीरीज जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम गंभीर से कई सवाल पूछे गए.
जब गंभीर से टीम की रणनीति, आलोचनाओं और खिलाड़ियों के चयन को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने एक लाइन में इसका जवाब दिया. गंभीर ने अपने आक्रामक अंदाज में कहा कि उन्हें अपनी कोचिंग और फैसलों को लेकर किसी से भी डर नहीं लगता है.
'दबाव में काम करना मेरी फितरत नहीं'
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच बनने के बाद से ही गौतम गंभीर अपने सख्त रवैये और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मीडिया ने टीम के कुछ फैसलों और लगातार बदलती प्लेइंग इलेवन को लेकर सवाल उठाया तो गंभीर ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि वह बाहरी शोर और आलोचनाओं से कभी नहीं डरते.
गंभीर ने कहा कि उनका पूरा फोकस सिर्फ टीम को एक निडर टीम बनाने पर है, जो दुनिया के किसी भी कोने में जाकर किसी भी परिस्थिति में जीत हासिल कर सके.
गंभीर ने खुलकर कहा कि टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों को बैक करने और उन्हें अपनी नेचुरल खेल खेलने की पूरी छूट देने में विश्वास रखता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन डरकर क्रिकेट खेलना भारतीय टीम की संस्कृति कभी नहीं हो सकती.
भारत ने इस पांच मैचों की टी20 सीरीज में शुरुआती मैच जीतकर शानदार शुरुआत की थी. जिसकी बदौलत टीम ने सीरीज को 3-2 से अपने नाम किया.
हालांकि सीरीज के आखिरी मुकाबलों में कीवी टीम ने जोरदार वापसी की. ग्लेन फिलिप्स ने इस सीरीज में कई रिकॉर्डतोड़ पारियां खेलीं. वह 5 मैचों में 341 रन बनाने में सफल रहे. उनकी दमदार बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम आखिरी दो मैच जीतने में सफल रही.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क