भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से एक बार फिर फैन्स का ध्यान खींच लिया है. वडोदरा में खेले गए दूसरे महिला वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतकीय पारी खेलने के बाद हरमनप्रीत ने नए रोल और कप्तानी छूटने के दर्द पर पहली बार खुलकर बात की है.
मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम करने वाली हरमनप्रीत कौर ने खुलासा किया कि मुकाबला खेलने से एक रात पहले उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं थी. उन्हें हल्का बुखार था और मैच के दौरान दोपहर की चिलचिलाती धूप में करीब 45 ओवर तक मैदान पर टिके रहना उनके शारीरिक रूप से बेहद मुश्किल था.
हरमनप्रीत ने दर्द बयां करते हुए कहा कि मैं ऐसी इंसान हूं जो हमेशा हकीकत के करीब रहना पसंद करती हूं. कल रात मुझे बुखार था, शरीर में पूरी ताकत नहीं थी. लेकिन यही अब मेरी हकीकत है और मैं इसे स्वीकार करती हूं.
हरमनप्रीत के मुताबिक दवाइयों के सहारे उन्होंने मैदान पर उतरने का फैसला किया और अपनी तकलीफ को अपने खेल के आड़े नहीं आने दिया. बता दें कि भारतीय टीम शुरुआत में ही विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, ऐसे में हरमनप्रीत कौर ने एक दमदार पारी खेलकर टीम को संभालने का काम किया.
हरमनप्रीत कौर की जगह मंधाना बनीं कप्तान
हाल ही में हरमनप्रीत कौर को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटाकर सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को नया कप्तान बना दिया गया है. एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाली कप्तान से अचानक जिम्मेदारी छिन जाने का दर्द उनके दिल में है. इन तमाम बदलावों और मुश्किलों के बीच हरमनप्रीत ने कड़वी सच्चाई को गले लगाते हुए कहा कि अब उनका मकसद सिर्फ क्रिकेट का लुत्फ उठाना और टीम के लिए अपना शत-प्रतिशत देना है.
शतक जड़ रचा इतिहास
वडोदरा के मैदान पर जब भारत ने मात्र 19 रन के स्कोर पर अपने शुरुआती 2 विकेट गंवा दिए थे, तब टीम गहरे संकट में थी. ऐसे में क्रीज पर उतरी हरमनप्रीत कौर ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश किया.
उन्होंने 121 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 126 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. यह उनके वनडे करियर का 8वां शतक था, जिसके साथ ही उन्होंने दिग्गज मिताली राज (7 शतक) को पीछे छोड़ दिया है. अब वह भारत के लिए महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतकों के मामले में सिर्फ स्मृति मंधाना (14 शतक) से पीछे हैं. इसके अलावा उन्होंने दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत का स्कोर 328 रन तक पहुंचाया, जिसके दम पर भारत ने मुकाबला 121 रनों से अपने नाम कर लिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क