चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के पहले ही दिन ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने अपने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया. उन्होंने टीम के लिए कप्तानी पारी खेलते हुए साउथ जोन की टीम को बैकफुट पर धकेल दिया.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ईशान के लिए बिल्कुल सही साबित हुआ. ईस्ट जोन ने बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर पहले दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट खोकर 385 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया है.
ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स लगाए. दिन का खेल खत्म होने तक ईशान 111 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. मैच के दूसरे दिन ईशान के पास अपनी इस पारी को और बड़ा बनाने का मौका होगा.
वैभव सूर्यवंशी ने खेली तेज तर्रार पारी
ईशान के शतक से पहले ईस्ट जोन के ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों ने भी अपना काम बखूबी निभाया. युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तेज तर्रार 44 रन बनाकर टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई. इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन और शिखर मोहन ने जिम्मेदारी संभालते हुए अर्धशतक जड़े और बड़े स्कोर की नींव रखी.
मिडिल ऑर्डर में ईशान ने आकर टीम को संभाला
जब मिडिल ऑर्डर में रन गति को बनाए रखने की जरूरत थी, तब ईशान किशन और कुमार कुशाग्र की जोड़ी मैदान पर जमी. दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए एक ऐसी साझेदारी की, जिसने साउथ जोन के गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया. ईशान ने शुरुआत में समझदारी से गेंद को देखा और सेट होने के बाद साउथ जोन के हर गेंदबाज पर कड़ा प्रहार किया.
टीम इंडिया में वापसी का खटखटाया दरवाजा
ईशान किशन अपनी इस पारी से भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक बार फिर अपनी दावेदारी ठोक दी है. साल 2023 के बाद से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे ईशान किशन ने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी क्लास एक बार फिर साबित कर दी है. एक बड़े घरेलू टूर्नामेंट के फाइनल में कप्तानी करते हुए शतक ठोककर ईशान ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की अपनी दावेदारी को बेहद मजबूत कर लिया है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क