Duleep Trophy final: चैम्पियन बनने की दहलीज पर वैभव सूर्यवंशी की टीम, SZ को चमत्कार की तलाश

दलीप ट्रॉफी अब अपने रोमांचक मोड़ पर है. 14 सालों के लंबे सूखे को खत्म करते हुए ईस्ट जोन की टीम खिताब के बेहद करीब पहुंच गई है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईशान किशन की कप्तानी वाली यह टीम इतिहास रचने के लिए तैयार है.

Advertisement
वैभव की टीम करेगी कमाल. (PHOTO: PTI) वैभव की टीम करेगी कमाल. (PHOTO: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:33 PM IST

दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के चौथे दिन ईस्ट जोन ने मैच पर पूरी तरह से अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. साउथ जोन के बल्लेबाजों ने मुकाबला करने की कोशिश तो की लेकिन ईस्ट जोन के विशाल स्कोर के सामने वह बेबस नजर आए. 

कप्तान ईशान किशन की शानदार पारी और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर 584 रनों की भारी-भरकम बढ़त बना ली है. यहां से मुकाबले को जीतने के लिए साउथ जोन की टीम को किसी चमत्कार की उम्मीद करनी होगी. 

Advertisement

दिन की शुरुआत साउथ जोन ने 6 विकेट पर 242 रनों से की. क्रीज पर टिके तिलक वर्मा और चामा मिलिंद ने सातवें विकेट के लिए 78 रनों की मजबूत साझेदारी निभाकर टीम को 300 के पार पहुंचाया. मिलिंद 43 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद साउथ जोन की पारी लड़खड़ा गई. 

शतक से चूके तिलक वर्मा 

तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और 211 गेंदों में 99 रनों की बेहद समझदारी भरी पारी खेली, लेकिन वह अपने शतक से सिर्फ 1 रन दूर रह गए. साउथ जोन की पूरी टीम 336 रनों पर सिमट गई और ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 372 रनों की बड़ी बढ़त मिल गई.

कप्तान किशन का चला बल्ला

पहली पारी में 270 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा करने वाले ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन को फॉलोऑन देने के बजाय खुद दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया. हालांकि शुरुआत में ईस्ट जोन को दो शुरुआती झटके लगे और टीम का स्कोर 13 पर 2 विकेट हो गया. लेकिन इसके बाद कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और 98 गेंदों में ताबड़तोड़ 80 रन बनाकर मैच को पूरी तरह से अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया.

Advertisement

आखिरी दिन जीत की ओर ईस्ट जोन

चौथे दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 5 विकेट खोकर 212 रन बना लिए हैं. अब उनके पास कुल 584 रनों की विशाल बढ़त है. मैच के पांचवें और आखिरी दिन ईस्ट ज़ोन की नजरें इस बढ़त को और मजबूत कर साउथ जोन को ऑलआउट करने पर होंगी, जबकि साउथ जोन को हार से बचने के लिए किसी बहुत बड़े चमत्कार की जरूरत होगी. अंतिम दिन केवल औपचारिकता बाकी लग रही है, ईस्ट जोन की टीम 14 साल बाद एक बार फिर चैम्पियन बनने के लिए बिल्कुल तैयार है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »