देवदत्त पडिक्कल का बल्ला इन दिनों जमकर आग उगल रहा है. देवदत्त पडिक्कल अपनी बल्लेबाजी से दिग्गजों के साथ-साथ फैन्स का ध्यान भी खींच रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ पावरफुल परफॉर्मेंस करने के बाद देवदत्त पडिक्कल अब दलीप ट्रॉफी में बल्ले से तबाई मचा रहे हैं.
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दो शानदार शतक जड़कर प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने वाले पडिक्कल का जलवा दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी देखने को मिला है. श्रीलंका के बाद अब घरेलू टूर्नामेंट में भी देवदत्त ने फॉर्म को बरकरार रखा है.
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताबी मुकाबला खेला जा रहा है. तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन की तरफ से खेलते हुए मैच के तीसरे दिन पडिक्कल ने कमाल की बल्लेबाजी की.
नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने 104 गेंदों का डटकर सामना किया और 62 रनों की बेहतरीन पारी खेली. अपनी इस पारी में उन्होंने 4 खूबसूरत चौके लगाए. पडिक्कल ने पहले एन जगदीशन (32 रन) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और इसके बाद शेख रशीद (27 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 56 रनों की शानदार साझेदारी की.
बड़ा स्कोर बनाने से चूक गए पडिक्कल
क्रीज पर पडिक्कल काफी अच्छी लय में दिख रहे थे और लग रहा था कि वो इसे एक बड़े स्कोर में तब्दील कर देंगे. लेकिन 36वें ओवर में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की गेंद पर एक बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वो अपना विकेट गंवा बैठे. बाउंड्री के पास सब्स्टीट्यूट फील्डर डेनिश दास ने उनका कैच लपका.
ईशान किशन का दमदार फॉर्म जारी
पडिक्कल ने साउथ जोन के लिए फिफ्टी जड़ी, लेकिन इस मुकाबले के दौरान फैन्स का सारा ध्यान ईशान किशन खींचने में कामयाब रहे. इस फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर बोर्ड पर लगा दिया है. इसमें सबसे बड़ा हाथ ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन का रहा, जिन्होंने नंबर 5 पर उतरकर 270 रनों की पारी खेली.
अपनी इस दमदार पारी के साथ ही ईशान दलीप ट्रॉफी के इतिहास में 250 से ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं. इसके साथ ही अरुण लाल और सबा करीम के बाद वो ईस्ट जोन के सिर्फ तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ा है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क