प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान में हाल ही में संपन्न एशियन पैरा गेम्स के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं.
भारत ने आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. भारतीय पैरा एथलीटों ने कुल 114 पदक जीते, जिनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. इस प्रदर्शन में 97 भारतीय पैरा एथलीटों का योगदान रहा.
इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी मौजूद रहे. दो-दो गोल्ड मेडल जीतने वाली बिना हाथों की तीरंदाज शीतल देवी और दृष्टिबाधित धाविका सिमरन ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका संघर्ष और आपकी उपलब्धियां हर भारतीय को प्रेरित करती हैं. पहले माता-पिता अपने बच्चों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने से डरते थे. लोग कहते थे कि इस व्यवस्था में कुछ नहीं हो सकता, जो प्रतिभाओं का साथ नहीं देती. लेकिन जिस तरह आपने हार नहीं मानी, उसी तरह हमने भी अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा."
उन्होंने आगे कहा, टहमने तय किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा बेकार नहीं जाने देंगे. जिस व्यवस्था ने आपकी प्रगति में बाधा डाली, हमने उसे बदलने का फैसला किया. अब किसी युवा को अपनी प्रतिभा पर भरोसा है तो उसे यह विश्वास भी है कि देश उसके साथ खड़ा है.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन खेलों में भी लगातार मजबूत हो रहा है, जिनमें पहले देश की भागीदारी काफी सीमित थी.
उन्होंने कहा, "तीरंदाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग, स्विमिंग, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, जूडो और पावरलिफ्टिंग जैसे कई खेलों में हम नई प्रतिभाओं को तलाश रहे हैं और नए चैम्पियन सामने आ रहे हैं. एशियन पैरा गेम्स में 61 खिलाड़ियों ने पहली बार हिस्सा लिया.'
खास बात यह रही कि भारतीय दल में 61 खिलाड़ियों ने पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लिया और देश के रिकॉर्ड प्रदर्शन में योगदान दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क