एशियन पैरा गेम्स में भारतीय एथलीटों का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. ट्रैक एंड फील्ड में भारत ने 5 गोल्ड समेत 18 मेडल जीतकर मेडल टेबल में अपनी स्थिति मजबूत कर ली. सिमरन, प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने अपने-अपने इवेंट में गेम्स रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा, जबकि सिमरन ने 24 घंटे के भीतर दूसरा गोल्ड जीतकर गोल्ड डबल पूरा किया. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत कुल 62 मेडल के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गया है.
भारत के खाते में अब तक 14 गोल्ड, 22 सिल्वर और 26 ब्रॉन्ज मेडल आ चुके हैं. खास बात यह है कि इनमें से 13 गोल्ड अकेले एथलेटिक्स में मिले हैं. प्रतियोगिता के अंतिम दो दिनों में भी उससे कई पदकों की उम्मीद है.
सिमरन का गोल्ड डबल, 100 मीटर में बनाया गेम्स रिकॉर्ड
भारत की स्टार धाविका सिमरन ने महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया. दृष्टिबाधित धाविका सिमरन ने 12.02 सेकंड का समय निकालते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया. ईरान की हाजर सफरजादेह 12.30 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं.
इससे पहले सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में भी गोल्ड जीता था. दोनों स्पर्धाओं में उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाया. महज 24 घंटे के भीतर दो स्वर्ण पदक जीतना उनके शानदार प्रदर्शन को दिखाता है. खास बात यह भी रही कि सख्त शाकाहारी भोजन व्यवस्था के कारण सीमित खानपान के बीच उन्हें थकान से जूझना पड़ रहा था, इसके बावजूद उन्होंने ट्रैक पर अपना दबदबा कायम रखा.
प्रवीण और सचिन ने भी तोड़ा गेम्स रिकॉर्ड
भारत के लिए बुधवार को पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ियों में प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी भी शामिल रहे. प्रवीण ने पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. वहीं, सचिन खिलारी ने पुरुषों की शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
आयुष वर्मा ने पुरुषों की शॉट पुट एफ53 स्पर्धा में गोल्ड जीतकर भारत के स्वर्णिम अभियान की शुरुआत की. दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी46/47 संयुक्त स्पर्धा में सोना जीता. उन्होंने 10.69 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया. इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद मोर्सिंगानाकथ बासिल ने 10.72 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ सिल्वर मेडल जीता.
संयुक्त स्पर्धाओं में दो या उससे अधिक वर्गों के खिलाड़ियों को एक साथ उतारा जाता है, ताकि प्रतियोगिता में पर्याप्त प्रतिभागी शामिल हो सकें. टी46 और टी47 वर्ग ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए हैं.
प्रीति पाल ने भी जीता दूसरा मेडल
भारत की प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. इससे पहले वह 200 मीटर टी35 स्पर्धा में भी दूसरा स्थान हासिल कर चुकी थीं. टी35 वर्ग सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित खिलाड़ियों के लिए है. प्रीति 2024 पैरालंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं.
भारतीय एथलेटिक्स दल ने बुधवार को कई अन्य पदक भी जीते. बंटी ने पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में, भाग्यश्री जाधव ने महिलाओं की शॉट पुट एफ34 स्पर्धा में, मोहम्मद यासर ने पुरुषों की शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में और मनजीत ने पुरुषों की जैवलिन एफ12/13 स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया.
वहीं, अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी35, परवीन ने पुरुषों की शॉट पुट एफ46 और राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर टी37 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता.
तीरंदाजी, स्विमिंग और पावरलिफ्टिंग में भी चमके भारतीय
एथलेटिक्स के अलावा भारत को पैरा तीरंदाजी, स्विमिंग, बैडमिंटन और पावरलिफ्टिंग में भी पदक मिले. बिना हाथों वाली तीरंदाज शीतल देवी ने पायल नाग के साथ महिला युगल कंपाउंड स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के हाथों हार का सामना करना पड़ा.
दृष्टिबाधित तैराक रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने 1 मिनट 10.10 सेकंड का समय निकाला. यह इस प्रतियोगिता में उनका दूसरा सिल्वर मेडल है. हिमांशु नंदल ने पुरुषों की ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी13 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता. उन्होंने 1 मिनट 20.72 सेकंड का समय निकाला. हिमांशु भी दृष्टिबाधित हैं.
बैडमिंटन में भारत के लिए तीन पदक पक्के हो गए हैं. पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में मौजूदा चैम्पियन सुहास एलवाई, नवीन शिवकुमार और अभिजीत सखूजा ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है. पुरुष युगल एसएच6 वर्ग में कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाईमलाई ने सिल्वर मेडल जीता. इस वर्ग में चार टीमों ने एक ही ग्रुप में मुकाबला किया और पदकों का फैसला ग्रुप में अंतिम स्थिति के आधार पर हुआ.
पावरलिफ्टिंग में पोलियो से प्रभावित कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की.
60 स्पर्धाओं में मेडल जीतने का लक्ष्य
भारतीय एथलेटिक्स दल ने जिन 62 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया है, उनमें से 60 में मेडल जीतने का लक्ष्य रखा है. अब तक 41 मेडल जीत चुकी भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद बनी हुई है. प्रतियोगिता के दो दिन अभी बाकी हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास अपने पदकों की संख्या बढ़ाने का मौका है.
भारत का यह प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स में उसकी मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है. खासकर एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने जिस तरह गोल्ड और गेम्स रिकॉर्ड की झड़ी लगाई है, उससे देश के कुल पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क