एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए स्वर्णिम इतिहास लेकर आया. शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने 6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत कुल 10 पदक अपने नाम किए. तीरंदाजी, बॉक्सिंग और कुश्ती के बाद महिला हॉकी टीम ने भी गोल्ड पर कब्जा जमाया. भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता. इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्का कर लिया.
- भारत के लिए दिन की शुरुआत तीरंदाजी में ऐतिहासिक गोल्ड से हुई. अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 साल की कुमकुम मोहोड की तिकड़ी ने महिला रिकर्व टीम फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर पहली बार एशियन गेम्स का गोल्ड दिलाया. तेज हवा के बीच भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया. सेमीफाइनल में भारत ने चीन को 5-1 से मात दी थी. यह एशियन गेम्स में भारत का तीरंदाजी का चौथा गोल्ड रहा.
कुमकुम ने इसके बाद धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिक्स्ड रिकर्व टीम में भी कमाल किया. दोनों ने भारत को पहली बार इस स्पर्धा के एशियन गेम्स फाइनल में पहुंचाया. हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन से 3-5 की हार के बाद भारत को सिल्वर से संतोष करना पड़ा.
- इसके बाद बॉक्सिंग रिंग में लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को गोल्ड मेडल के साथ यादगार बना दिया. 75 किग्रा के फाइनल में उन्होंने चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराया. लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं. उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी. लवलीना ने पिछले एशियन गेम्स में जीते सिल्वर को गोल्ड में बदलते हुए महिला बॉक्सिंग के 12 साल के स्वर्ण सूखे को खत्म किया.
- परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग 65 किग्रा वर्ग में चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराकर भारत को एक और गोल्ड दिलाया. परवीन हुड्डा के लिए यह जीत खास है. पिछले एशियन गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन बाद में whereabouts failure (ठिकाने की जानकारी से जुड़े डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन) के कारण उनसे पदक वापस ले लिया गया था. अब परवीन ने जबरदस्त वापसी करते हुए इस बार 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
- कुश्ती में सुजीत कलकल ने दिन की सबसे रोमांचक जीत दर्ज की. 65 किग्रा फ्रीस्टाइल के फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव के खिलाफ भारतीय पहलवान एक समय 2-9 से पीछे थे. लेकिन सुजीत ने जबरदस्त पलटवार करते हुए लगातार आठ अंक जुटाए और 10-9 से मुकाबला अपने नाम कर लिया. इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को 3-3 की बराबरी के बाद काइटेरिया के आधार पर हराया था.
- इसके बाद अंकुश पंघल ने भी इतिहास रच दिया. वह 2018 में अमित पंघल के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बन गए. यानी एक ही दिन में भारतीय मुक्केबाजी ने तीन बार तिरंगा सबसे ऊपर पहुंचाया.
और फिर आया हॉकी का सुनहरा पल. भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया. काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में लालरेमसियामी ने भारत के लिए इकलौता और निर्णायक गोल दागा. इस गोल ने भारतीय टीम को एशियन गेम्स का स्वर्ण दिलाने के साथ 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक का टिकट भी दिला दिया.
इस तरह भारत के लिए 13वां दिन छह स्वर्ण की चमक लेकर आया. तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत, बॉक्सिंग में तीन गोल्ड, कुश्ती में 2-9 से 10-9 की सनसनीखेज वापसी और हॉकी में 44 साल बाद स्वर्ण- एक ही दिन में भारतीय खेलों ने कई यादगार अध्याय लिख दिए.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क