लालरेमसियामी हमारजोटे (Lalremsiami) भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी हैं. वह भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए फॉरवर्ड के तौर पर खेलती हैं और जरूरत के अनुसार हाफबैक की भूमिका भी निभाती हैं. घरेलू स्तर पर वह स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया से जुड़ी रही हैं.
एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर को विमेंस हॉकी का फाइनल भारत और चीन के बीच खेला गया. इस टीम की हिस्सा रही लालरेमसियामी ने पहले क्वार्टर के 10वें मिनट में गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई. यह लीड फाइनल सीटी बजने तक कायम रही. भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. इस जीत के साथ ही टीम ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी हासिल कर लिया (Asian Games 2026 Gold Medal).
उनका जन्म 30 मार्च 2000 को मिजोरम के कोलासिब में हुआ था. उनके पिता ललथानसांगा जोटे भारतीय सेना में रहे थे और बाद में खेती का काम करते थे. उनकी मां लालजारमावी गृहिणी हैं. लालरेमसियामी ने करीब 11 साल की उम्र में मिजोरम के थेनजोल में सरकारी हॉकी अकादमी से खेल प्रशिक्षण शुरू किया. साल 2016 में वह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय हॉकी अकादमी से जुड़ीं. उस समय उन्हें हिंदी समझने में परेशानी होती थी. उनकी टीम की साथी खिलाड़ियों ने भाषा सीखने में उनकी मदद की. इसी दौरान उन्हें सियामी नाम से भी बुलाया जाने लगा.
साल 2016 में लालरेमसियामी भारत की अंडर 18 टीम का हिस्सा बनीं. टीम ने एशिया कप में कांस्य पदक हासिल किया. इसके बाद उन्हें भारतीय जूनियर टीम के शिविर में शामिल किया गया. साल 2017 में उन्होंने भारतीय सीनियर टीम के साथ यूरोप दौरा किया. इसी साल वह एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहीं. इस प्रतियोगिता में उन्होंने सिंगापुर के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया.
साल 2018 में लालरेमसियामी भारतीय टीम की ओर से विश्व कप में खेलने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल थीं. उन्होंने इटली के खिलाफ क्रॉसओवर मुकाबले में अपना पहला विश्व कप गोल किया. भारत ने यह मुकाबला 3-0 से जीता और क्वार्टर फाइनल में पहुंचा. हालांकि क्वार्टर फाइनल में भारत को आयरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार मिली.
इसी साल जकार्ता एशियाई खेलों में लालरेमसियामी ने चार गोल किए. उन्होंने इंडोनेशिया के खिलाफ एक गोल और कजाकिस्तान के खिलाफ तीन गोल किए. भारतीय टीम फाइनल में जापान से हारकर रजत पदक के साथ लौटी. इस पदक के साथ लालरेमसियामी मिजोरम से एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं. 2018 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स युवा ओलंपिक के पांच खिलाड़ियों वाले हॉकी मुकाबले में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. भारतीय टीम ने यहां रजत पदक जीता.
साल 2019 में लालरेमसियामी ने स्पेन के खिलाफ दो गोल किए. इसी साल उन्हें एफआईएच राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला. 2021 में उन्हें टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम में जगह मिली. वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली मिजोरम की पहली महिला खिलाड़ी बनीं. भारतीय टीम टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही.
इसके बाद लालरेमसियामी को मिजोरम के खेल और युवा सेवा विभाग में समूह ए पद पर नियुक्त किया गया. उन्हें राज्य सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और आवासीय भूखंड भी दिया गया. साल 2022 में उन्होंने एशिया कप में भारतीय टीम के लिए खेलते हुए दो गोल किए. इस प्रतियोगिता में वह फॉरवर्ड के साथ मिडफील्ड की भूमिका में भी नजर आईं.
एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत 10 पदक जीते. महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीता और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट हासिल किया. इससे पहले तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम, बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघल तथा कुश्ती में सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीते.