सलीमा टेटे (Salima Tete) भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं. एशियन गेम्स 2026 में हॉकी का फाइनल 2 अक्टूबर को भारत और चीन के बीच खेला गया. इस मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से हरा कर गोल्ड मेडल हासिल किया. इस तरह भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.
2 मई 2023 को सलीमा टेटे को भारतीय हॉकी टीम की कप्तान नियुक्त किया गया. कप्तानी मिलने के बाद उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम का नेतृत्व किया.
सलीमा ने वर्ष 2017 में भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया. उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बेलारूस के खिलाफ था. इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया.
वर्ष 2018 में सलीमा टेटे ने युवा ओलंपिक खेलों में भारतीय युवा हॉकी5 टीम की कप्तानी की. भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया. इस प्रतियोगिता के बाद सलीमा का नाम युवा स्तर की भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ियों में प्रमुख रूप से सामने आया.
वर्ष 2021 में उन्हें टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल किया गया. यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एक महत्वपूर्ण चरण रहा. टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और सलीमा भी टीम का हिस्सा रहीं.
उनका जन्म 26 दिसंबर 2001 को झारखंड के सिमडेगा जिले में हुआ. उनके माता-पिता दोनों किसान हैं. उनके पिता भी हॉकी खेलते थे. इसी पारिवारिक माहौल में सलीमा की हॉकी के प्रति रुचि बढ़ी.
सलीमा टेटे ने कम उम्र में ही हॉकी खेलना शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होंने स्थानीय स्तर पर खेलते हुए अपने खेल को आगे बढ़ाया. झारखंड के सिमडेगा जिले को हॉकी के लिए जाना जाता है और सलीमा ने भी इसी क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया.
एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत 10 पदक जीते. महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीता और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट हासिल किया. इससे पहले तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम, बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघल तथा कुश्ती में सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीते.
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.